देश में हर 7 में से 1 व्यक्ति माइग्रेन से परेशान है।न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर ने 500 मरीजों पर किए नए अध्ययन में पाया कि 70% माइग्रेन अटैक इन 10 चीजों की वजह से ही होते हैं। अच्छी खबर यह है कि इन्हें सिर्फ 21 दिन तक अवॉइड करने से अटैक 60-70% तक कम हो जाते हैं। अगर आप भी हर हफ्ते 2-3 बार सिर फटने जैसा दर्द, उल्टी, रोशनी-आवाज से परेशानी महसूस करते हैं तो इन 10 चीजों को आज से ही बंद कर दें।
ये हैं माइग्रेन के 10 सबसे बड़े ट्रिगर
चॉकलेट और चीज – इनमें टायरामाइन होता है जो ब्लड वेसल्स को सिकोड़ता-फैलाता है।
प्रोसेस्ड फूड (मैगी, चिप्स, सोस) – MSG (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) माइग्रेन का सबसे बड़ा दुश्मन।
शराब (खासकर रेड वाइन) – इसमें हिस्टामाइन और सल्फाइट्स अटैक 3 गुना बढ़ा देते हैं।
कैफीन ज्यादा या अचानक बंद करना – रोज 3 कप से ज्यादा चाय-कॉफी या अचानक छोड़ना।
नींद की कमी या ज्यादा नींद – रोज 7-8 घंटे से कम या ज्यादा सोना।
डिहाइड्रेशन – दिन में 8 गिलास से कम पानी पीना।
तेज रोशनी-स्क्रीन टाइम – लगातार 2 घंटे से ज्यादा मोबाइल-लैपटॉप।
तेज खुशबू (परफ्यूम, अगरबत्ती) – स्ट्रॉन्ग स्मेल ब्रेन के न्यूरॉन्स को ट्रिगर करती है।
स्किप करना खाना – 5-6 घंटे से ज्यादा भूखे रहना।
स्ट्रेस और चिंता – ऑफिस-घर का टेंशन माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण।
21 दिन का चैलेंज – माइग्रेन को कहें गुडबाय
रोज सुबह 1 गिलास गुनगुना पानी + नींबू
खाने में बादाम, अखरोट, पालक, केला शामिल करें
रात 10 बजे तक सोना, सुबह 6 बजे उठना
मोबाइल पर ब्लू लाइट फिल्टर ऑन करें
रोज 10 मिनट ध्यान या गहरी सांस लें
फोर्टिस अस्पताल की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रेरणा अरोड़ा कहती हैं, “जिन मरीजों ने ये 10 चीजें 21 दिन तक छोड़ीं, उनके अटैक 68% कम हो गए। दवा से ज्यादा लाइफस्टाइल बदलाव काम करता है।”
खतरे के लक्षण – तुरंत डॉक्टर से मिलें
दर्द 72 घंटे से ज्यादा रहना
एक आंख की रोशनी जाना
बोलने में दिक्कत
हाथ-पैर सुन्न पड़ना
तो आज से ही फैसला लें – माइग्रेन के साथ जीना है या इन 10 चीजों को छोड़कर चैन की जिंदगी जीनी है? 21 दिन बाद आप खुद फर्क महसूस करेंगे!
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