मां को अलविदा कहते हुए बिखरे जायद खान, गंगा तट पर छलक पड़े भाव

अभिनेता जायद खान अपनी मां जरीन खान के अस्थि विसर्जन के दौरान भावनाओं पर नियंत्रण न रख सके और मौके पर उपस्थित लोगों की आंखें नम कर गए। मां के निधन के बाद परिवार पहले से ही गहरे शोक में था, लेकिन अस्थि विसर्जन के समय जायद का बिखर जाना उस दर्द की गहराई को दर्शाता है जिसे परिवार पिछले कई दिनों से सह रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जरीन खान की अस्थियों को उनके परिवार ने हरिद्वार के पवित्र गंगा तट पर विसर्जित किया। मंत्रोच्चार और शांत वातावरण के बीच जायद ने मां की कलश को हाथ में लिया और अंतिम विदाई दी। जैसे ही उन्होंने अस्थियों को जलधारा में प्रवाहित किया, वे खुद को रोक नहीं पाए और उनके आंसू लगातार बहते रहे। कई बार उन्होंने अपना माथा हाथों से ढक लिया, मानो खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हों, किंतु भावनाएं उन पर भारी पड़ती दिखीं।

करीबी सूत्र बताते हैं कि जरीन खान केवल एक मां ही नहीं, बल्कि जायद के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्थायी स्रोत थीं। जायद अक्सर इंटरव्यू में बताते रहे हैं कि उनका जीवन और करियर, दोनों ही मां के समर्थन के बिना अधूरे हैं। जरीन खान ने कई कठिन दौर में परिवार को संभाला और हमेशा अपने बच्चों को मजबूत बने रहने की सीख दी। इसलिए उनके निधन ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया है।

अस्थि विसर्जन के कार्यक्रम में जायद के भाई-बहन, कुछ करीबी रिश्तेदार और परिवार के मित्र भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिवार के सदस्यों ने बताया कि जरीन खान का स्वभाव बेहद सौम्य और दयालु था और वे हमेशा से अपने बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। उनकी अनुपस्थिति अब एक ऐसा खालीपन छोड़ गई है जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

जायद खान ने मां के अंतिम संस्कार के बाद सोशल मीडिया पर भी एक भावुक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी मां का प्यार, आशीर्वाद और सीख उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी मां की विरासत को उनके मूल्यों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ाएंगे।

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों और मित्रों ने भी जरीन खान के निधन पर दुख जताया और जायद खान को इस कठिन समय में शक्ति देने की कामना की। इंडस्ट्री में जरीन खान को लंबे समय से एक शांत, सरल और पारिवारिक व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था।

अस्थि विसर्जन के इस भावुक क्षण ने कोरोना और अन्य चुनौतियों से घिरे समय में परिवार के महत्व और भावनात्मक संबंधों की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर किया है। जायद खान अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं और परिवार के साथ समय बिताकर खुद को संभालने का प्रयास कर रहे हैं।

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