गतिविधियों के बीच, एक नया खतरा तेजी से बढ़ रहा है — बैंक का नाम लेकर भेजे जा रहे फेक SMS और कॉल। ये प्रयास अक्सर यूज़र को घबराहट में देखकर गलती करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे बैंक खाते, OTP, यूज़र आईडी व जालसाजी का शिकार बन सकते हैं। हाल ही में Reserve Bank of India (RBI) ने भी इस प्रकार की फिशिंग कोशिशों के प्रति लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।
फेक मैसेज/कॉल की पहचान कैसे करें?
सेंडर पहचान नहीं मिलता : बैंक की ओर से आने वाले असली SMS आमतौर पर शॉर्ट कोड या रजिस्टरड अल्फ़ान्यूमेरिक आईडी से आते हैं। यदि आपने 10 अंक के सामान्य मोबाइल नंबर से बैंक SMS देखा है, तो यह एक चेतावनी हो सकती है कि यह फेक हो सकता है।
लिंक पर क्लिक करने के लिए दबाव : “आपका खाता तुरंत ब्लॉक करना पड़ेगा”, “आपके खाते से बड़ी राशि चली गई है” जैसे संदेशों में तुरंत लिंक क्लिक करने को कहा जाता है। असली बैंक कभी इस तरह से लिंक या संवेदनशील जानकारी SMS द्वारा नहीं मांगते।
OTP, PIN, पासवर्ड मांगना : यदि SMS या कॉल में आपका OTP, डेबिट-कार्ड PIN या बैंक यूज़रनेम मांगा जाए तो यह स्पष्ट रूप से फ्रॉड है — बैंक इन जानकारियों की मांग नहीं कर सकते।
भाषाई और स्वरूप संबंधी त्रुटियाँ : स्पैम संदेशों में अक्सर व्याकरण की गलतियाँ, अनिश्चित लिंक और अनचाही शब्दावली होती है। असली बैंक संदेश सम्मानित स्वरूप में होते हैं।
अत्यधिक तत्काल कार्रवाई का दबाव : “अब तुरंत करें”, “आखिरी मौका”, “आपका खाता बंद हो जाएगा” जैसी बातों से खतरा बढ़ जाता है। शांत होकर बैंक के आधिकारिक नंबर पर स्वयं कॉल कर सत्यापन करना बेहतर है।
अगर शक हो रहा हो तो क्या करें?
लिंक पर कभी क्लिक न करें, विशेषत: अगर यह SMS नहीं बल्कि अनजानी संख्या से आया हो।
बैंक के ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट से लॉग इन जरूर करें और लेन-देन की स्थिति देखें।
बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर कॉल करके पता करें कि SMS या कॉल वास्तव में उनका है या नहीं।
यदि आपने गलती से लिंक क्लिक कर दिया हो और जानकारी दी हो — तुरंत अपना पासवर्ड बदलें, बैंक को सूचित करें और संभव हो तो खाते को अस्थायी रूप से लॉक कर लें।
संदिग्ध SMS मिलने पर आप उसे अपने मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर को 1909 या बैंक को रिपोर्ट कर सकते हैं।
क्यों यह बेहद जरूरी हो गया है?
विश्लेषकों के अनुसार, प्रतिदिन लाखों SMS-फिशिंग (smishing) प्रयास हो रहे हैं, जिनमें बैंकिंग क्षेत्र प्रमुख लक्ष्य बन चुका है।इस स्थिति में हर बैंकिंग ग्राहक के लिए सजग रहना अब विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरत बन चुकी है।
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