बढ़ते प्रदूषण और वायु गुणवत्ता की गिरती स्थिति ने नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लेकिन क्या वास्तव में नवजात बच्चे को एयर प्यूरीफायर में रखना सुरक्षित है, इस सवाल ने कई विशेषज्ञों और माता-पिता को चिंतित कर दिया है।
एयर प्यूरीफायर, वायु से धूल, धुआं और छोटे कणों (PM2.5) को फिल्टर करके कमरे में साफ हवा प्रदान करने का दावा करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे के फेफड़ों का विकास अभी पूरी तरह से नहीं हुआ होता, इसलिए प्रदूषित हवा उनके लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकती है। ऐसे में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि एयर प्यूरीफायर को सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना जरूरी है। बहुत अधिक जोर की हवा या ओजोन उत्सर्जन वाले प्यूरीफायर नवजात के लिए हानिकारक हो सकते हैं। डॉ. अनुजा वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, बताती हैं, “नवजात बच्चों के लिए HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। कमरे का तापमान और नमी का संतुलन भी बनाए रखना जरूरी है।”
माता-पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि एयर प्यूरीफायर लगातार चलाने से हवा में ओजोन या अन्य रसायन न उत्पन्न हों। इसके अलावा, बच्चे को सीधे हवा के धारे में रखने से बचें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्यूरीफायर कमरे के कोने में रखें और बच्चे के सोने की जगह से कम से कम 2–3 फीट दूर रखें।
वास्तव में, एयर प्यूरीफायर अकेले समाधान नहीं है। घर में धूल और धुएं के स्रोतों को कम करना, खिड़कियों को बंद रखना और वेंटिलेशन का संतुलित प्रयोग करना भी जरूरी है। इसके साथ ही, बच्चा जब बाहर निकलता है तो मास्क और प्रदूषण से बचाव के अन्य उपाय अपनाना चाहिए।
हालांकि, अध्ययन बताते हैं कि HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर से PM2.5 और अन्य प्रदूषकों में काफी कमी आती है, जिससे नवजात के श्वसन तंत्र पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। लेकिन इससे यह सुनिश्चित नहीं होता कि बच्चे को किसी भी तरह की एलर्जी या अस्थमा की समस्या नहीं होगी।
अंततः, एयर प्यूरीफायर नवजात के लिए सुरक्षित हो सकता है, यदि इसका चयन सही तरीके से किया जाए और इसे सुरक्षित दूरी पर रखा जाए। माता-पिता को चाहिए कि वे विशेषज्ञों की सलाह लें, और प्रदूषण से बचाव के लिए घर में अन्य उपाय भी अपनाएं।
बढ़ते पॉल्यूशन के इस दौर में, सही उपकरण और सही उपयोग ही नवजात के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं।
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