Closeup of USB Type C grey cable being connected to the laptop computer.

हर वक्त चार्जिंग पर लैपटॉप रखना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

क्या आप भी अपना लैपटॉप लगातार चार्ज पर लगाए रखते हैं — चाहे इस्तेमाल करें या न करें? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए है। टेक एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि यह आदत लंबे समय में आपके लैपटॉप की बैटरी की हेल्थ और परफॉर्मेंस दोनों को खराब कर सकती है।

हालांकि आधुनिक लैपटॉप्स में बैटरी प्रोटेक्शन सिस्टम होते हैं, लेकिन हर वक्त चार्जिंग पर रखना बैटरी के रासायनिक संतुलन को प्रभावित करता है। आइए समझते हैं क्यों।

कैसे काम करती है लैपटॉप बैटरी

अधिकांश लैपटॉप्स में लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलीमर बैटरी लगी होती है। ये बैटरियाँ चार्जिंग और डिस्चार्जिंग के दौरान आयनों की आवाजाही पर काम करती हैं।
अगर बैटरी हर समय 100% चार्ज पर बनी रहे, तो उसमें लगातार उच्च वोल्टेज दबाव बना रहता है। इससे बैटरी का सेल तापमान बढ़ता है, और धीरे-धीरे उसकी क्षमता (capacity) घटने लगती है।

एक्सपर्ट्स की राय: हर वक्त चार्जिंग पर रखना नुकसानदायक

हार्डवेयर इंजीनियरों के मुताबिक, लैपटॉप को लगातार चार्जिंग पर रखना एक “साइलेंट बैटरी किलर” है।
कई निर्माता कंपनियाँ (जैसे HP, Dell, Asus, Lenovo) अब अपने लैपटॉप्स में “Battery Health Mode” या “Conservation Mode” जैसे फीचर दे रही हैं, जो चार्जिंग को 80–85% तक सीमित कर देते हैं।
इसका उद्देश्य यही है कि बैटरी लंबे समय तक अपनी क्षमता बनाए रख सके।

कब और कैसे करें चार्जिंग

टेक विशेषज्ञों का सुझाव है कि लैपटॉप की बैटरी को 20% से 80% के बीच रखना सबसे सुरक्षित होता है।
यानी बैटरी 20% पर आ जाए तो चार्ज लगाएं और 80% से ऊपर पहुंचने पर हटा दें।
अगर आपको लगातार लैपटॉप पर काम करना है, तो बैटरी पूरी चार्ज होने के बाद चार्जर निकालकर सीधे एसी पावर पर काम करना बेहतर रहता है।

बैटरी को प्रभावित करने वाले अन्य कारक

गर्मी (Heat): लैपटॉप को लंबे समय तक गर्म सतह पर रखने से बैटरी जल्दी खराब होती है।

ओवरचार्जिंग: कुछ पुराने मॉडल्स में ओवरचार्जिंग से बैटरी फूलने या लीक होने की समस्या होती है।

लगातार हाई परफॉर्मेंस मोड: भारी गेमिंग या ग्राफिक्स टास्क से तापमान बढ़ता है, जो बैटरी की लाइफ घटाता है।

चार्जिंग एडेप्टर की गुणवत्ता: लोकल चार्जर इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।

निर्माताओं की सलाह

कंपनियाँ कहती हैं कि उपयोगकर्ता यदि लंबे समय तक लैपटॉप को चार्ज पर लगाए रखते हैं, तो समय-समय पर बैटरी को “कैलिब्रेट” (पूर्ण चार्ज और डिस्चार्ज) करते रहें।
इसके अलावा, बैटरी को 25°C से अधिक तापमान पर रखने से बचें और हर छह महीने में बैटरी हेल्थ रिपोर्ट जांचें।

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