भारत में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की मुहिम के बीच कई देसी टेक कंपनियों ने विदेशी ऐप्स के विकल्प पेश किए थे। इन्हीं में से एक थी Arattai — एक भारतीय मैसेजिंग एप्लिकेशन, जिसे दक्षिण भारत की जानी-मानी आईटी कंपनी Zoho Corporation ने लॉन्च किया था। लेकिन शुरुआती चर्चा और उम्मीदों के बावजूद, अब यह ऐप Google Play Store की टॉप-100 सोशल मीडिया ऐप्स की लिस्ट से बाहर हो गई है।
कोरोना काल में मिली थी पहचान
साल 2021 के आसपास, जब डेटा प्राइवेसी को लेकर व्हाट्सऐप विवादों में घिरा हुआ था, तब Arattai को एक भरोसेमंद ‘भारतीय विकल्प’ के रूप में पेश किया गया। इसका मतलब ही तमिल में “चैट” होता है। लॉन्च के कुछ ही महीनों में ऐप को लाखों डाउनलोड मिले और लोगों ने उम्मीद जताई कि यह भारत का अगला बड़ा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म बनेगा।
व्हाट्सऐप की पकड़ तोड़ना आसान नहीं
लेकिन समय के साथ उपयोगकर्ताओं की रुचि कम होती गई। विशेषज्ञों का कहना है कि मैसेजिंग ऐप के बाजार में नेटवर्क इफेक्ट बहुत मजबूत होता है — यानी जहां आपके दोस्त और परिवार पहले से हैं, वहीं आप भी जुड़ना पसंद करते हैं। इस लिहाज़ से, व्हाट्सऐप की मजबूत यूज़र बेस और वर्षों से बनी विश्वसनीयता को तोड़ना किसी भी नए ऐप के लिए आसान नहीं रहा।
यूज़र एक्सपीरियंस और फीचर्स की कमी
Arattai ने शुरुआत में बेसिक चैटिंग, कॉलिंग, और फाइल शेयरिंग जैसे फीचर्स दिए, लेकिन व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल की तुलना में इसका यूज़र इंटरफेस सीमित रहा। वीडियो कॉल की क्वालिटी, फाइल साइज लिमिट और क्रॉस-प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन जैसी सुविधाओं की कमी ने इसे युवा वर्ग में लोकप्रिय होने से रोक दिया।
डेटा प्राइवेसी पर फोकस, लेकिन यूज़र नहीं टिके
Zoho के सीईओ श्रीधर वेम्बू ने लॉन्च के समय कहा था कि “Arattai भारतीय सर्वरों पर चलता है और डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।” हालांकि, डेटा सुरक्षा के दावे के बावजूद, लोगों के लिए प्राथमिकता सुविधा और यूज़र-फ्रेंडली अनुभव रही। धीरे-धीरे डाउनलोड रेट घटा और ऐप अब टॉप-100 की सूची से बाहर हो गई है।
विशेषज्ञों की राय
टेक विश्लेषकों का मानना है कि देसी ऐप्स को टिके रहने के लिए केवल ‘स्वदेशी’ टैग नहीं, बल्कि निरंतर नवाचार और विश्वस्तरीय फीचर्स की ज़रूरत है। जैसा कि विशेषज्ञ कहते हैं – “यूज़र डेटा प्रोटेक्शन चाहते हैं, लेकिन वे इससे ज़्यादा एक स्मूद और कनेक्टेड एक्सपीरियंस की तलाश में रहते हैं।”
भविष्य की राह
हालांकि Arattai अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। Zoho अब इसके अगले वर्ज़न पर काम कर रहा है, जिसमें उन्नत सुरक्षा, मल्टी-डिवाइस सपोर्ट और एंटरप्राइज़ चैटिंग टूल्स जैसी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। कंपनी उम्मीद कर रही है कि कॉरपोरेट यूज़र्स को ध्यान में रखकर वह ऐप को दोबारा प्रासंगिक बना सकेगी।
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