जैसे-जैसे ठंड का मौसम करीब आता है, घरों में इलेक्ट्रिक गीजर की मांग और उपयोग बढ़ जाता है। मगर विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह हम गर्मियों में एसी की सर्विस करवाना नहीं भूलते, उसी तरह सर्दी आने से पहले गीजर की भी नियमित जांच और सर्विसिंग उतनी ही जरूरी है।
लापरवाही न केवल बिजली की बर्बादी करती है बल्कि जानलेवा हादसों का कारण भी बन सकती है।
क्यों जरूरी है गीजर की सर्विसिंग
समय के साथ गीजर के अंदर स्केलिंग (चूना जमना), रस्ट (जंग) और वायरिंग में ढीलापन जैसी समस्याएं विकसित हो जाती हैं। जब हीटिंग एलिमेंट के चारों ओर कैल्शियम या अन्य खनिज जम जाते हैं, तो उसे पानी गर्म करने में ज्यादा बिजली लगती है। यह स्थिति न केवल बिजली बिल बढ़ाती है, बल्कि हीटिंग एलिमेंट के फटने या शॉर्ट-सर्किट का खतरा भी पैदा करती है।
एक छोटी सी चिंगारी, गीले वातावरण और धातु के संपर्क में आने पर इलेक्ट्रिक शॉक या आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
घरेलू हादसों के आंकड़े बढ़े
बिजली सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों के मुताबिक, हर साल सर्दी के मौसम में इलेक्ट्रिक गीजर से जुड़े हादसे बढ़ जाते हैं। कई मामलों में अर्थिंग की खराबी या ओवरहीटिंग के कारण घरों में आग लगने या करंट लगने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर हादसों की वजह गीजर की सालों तक बिना जांच चलाना होती है।
कैसे करें गीजर की देखभाल
विशेषज्ञों के अनुसार, हर सर्दी की शुरुआत से पहले किसी सर्टिफाइड इलेक्ट्रीशियन या सर्विस एजेंट से गीजर की सर्विस जरूर करवाएं। सर्विस के दौरान हीटिंग कॉइल, थर्मोस्टेट, इनलेट-आउटलेट पाइप, और अर्थिंग वायर की जांच अनिवार्य है।
इसके अलावा, टैंक के अंदर जमी गंदगी को हटाने के लिए हर 6 महीने में एक बार डिस्केलिंग कराना भी जरूरी है। इससे पानी जल्दी गर्म होता है और गीजर की उम्र भी बढ़ती है।
क्या न करें
कई लोग गीजर को चालू रखकर लंबे समय तक भूल जाते हैं या नंगे हाथों से स्विच ऑन/ऑफ करते हैं। यह बेहद खतरनाक है। हमेशा सूखे हाथों से स्विच का उपयोग करें और गीजर को ज्यादा देर चालू न छोड़ें।
यदि किसी भी समय सेफ्टी वाल्व से पानी टपकता दिखे या गीजर से जलने की गंध आए, तो तुरंत बिजली सप्लाई बंद करें और विशेषज्ञ को बुलाएं।
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