छोले या हरी मटर? जानें सेहत के लिहाज़ से आपके लिए क्या है बेहतर

सर्दियों में जहां हर रसोई में हरी मटर की भरपूर खपत होती है, वहीं छोले सालभर कई व्यंजनों की जान बने रहते हैं। दोनों ही स्वाद में बेहतरीन और पोषण से भरपूर हैं, लेकिन सवाल उठता है – जब बात सेहत की हो, तो इन दोनों में से किसे चुनना बेहतर होगा? आइए जानें पोषण विशेषज्ञों की राय और दोनों की तुलना।

हरी मटर: स्वाद और सेहत का हरा खजाना

हरी मटर यानी ग्रीन पीज़ सर्दियों में भरपूर मिलती है। यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि पोषण से भी भरपूर है।

प्रमुख पोषक तत्व (100 ग्राम में):

कैलोरी: लगभग 81 kcal

प्रोटीन: 5.4 ग्राम

फाइबर: 5 ग्राम

विटामिन C, K और A

आयरन, पोटैशियम और फोलेट

फायदे:

इम्यून सिस्टम को मज़बूत करती है

आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद

हृदय स्वास्थ्य में सहायक

फाइबर से भरपूर, जिससे पाचन बेहतर होता है

हरी मटर में एंटीऑक्सिडेंट्स भी पाए जाते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं।

छोले: प्रोटीन का मजबूत स्रोत

छोले (चना) खासकर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक अहम स्रोत हैं। यह रोटीन, सलाद, स्नैक्स और करी में आमतौर पर इस्तेमाल होते हैं।

प्रमुख पोषक तत्व (100 ग्राम उबले छोले में):

कैलोरी: लगभग 164 kcal

प्रोटीन: 8.9 ग्राम

फाइबर: 7.6 ग्राम

आयरन, मैग्नीशियम और फोलेट

फायदे:

मांसपेशियों की मजबूती में सहायक

ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार

लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है

दिल की सेहत के लिए उत्तम

छोले लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड होते हैं, जो डायबिटीज़ के रोगियों के लिए बेहतर माने जाते हैं।

एक्सपर्ट की राय: किसे चुनें?

न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. के अनुसार,
“दोनों ही खाद्य पदार्थ अपने-अपने ढंग से बेहद पोषणयुक्त हैं। यदि आप हाई प्रोटीन डाइट पर हैं या मांसपेशियों को मजबूत करना चाहते हैं, तो छोले बेहतर विकल्प हैं। वहीं हरी मटर विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा के लिए लाभकारी है।”

डॉ. यह भी सुझाव देती हैं कि डाइट में दोनों को बारी-बारी से शामिल करना सबसे समझदारी भरा कदम होगा।

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