विराट-रोहित लौटेंगे घरेलू मैदान पर, विजय हजारे में खेलेंगे 6-6 मैच

भारतीय क्रिकेट में एक बड़ी हलचल की खबर सामने आई है। वनडे विश्व कप और टी20 वर्ल्ड कप के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के बाद अब विराट कोहली और रोहित शर्मा की घरेलू क्रिकेट में वापसी की चर्चा जोर पकड़ रही है। बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दोनों सीनियर बल्लेबाज दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच संभावित तौर पर विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा ले सकते हैं।

यह फैसला टीम इंडिया के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां बोर्ड चाहता है कि अनुभवी खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंटों में खेलकर युवाओं को मार्गदर्शन दें और खुद की मैच फिटनेस भी बरकरार रखें।

विजय हजारे ट्रॉफी: सीनियर खिलाड़ियों की नई चुनौती

विजय हजारे ट्रॉफी भारत का प्रतिष्ठित वनडे फॉर्मेट का घरेलू टूर्नामेंट है, जिसमें देशभर की राज्य और जोनल टीमें हिस्सा लेती हैं। आमतौर पर यह टूर्नामेंट नवम्बर से जनवरी के बीच आयोजित होता है।

इस बार, सूत्रों के अनुसार, विराट और रोहित को 6-6 लीग मैच खेलने के लिए चुना जा सकता है। विराट को दिल्ली टीम, जबकि रोहित मुंबई टीम का हिस्सा होंगे। अगर ऐसा होता है, तो यह दोनों सीनियर खिलाड़ियों के लिए घरेलू स्तर पर नई परीक्षा होगी।

BCCI की रणनीति के पीछे की सोच

बीसीसीआई अब खिलाड़ियों की रोटेशन पॉलिसी और लोड मैनेजमेंट के तहत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भारत के प्रमुख खिलाड़ी केवल अंतरराष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि घरेलू स्तर पर भी सक्रिय रहें। इससे ना सिर्फ खिलाड़ियों की मैच फॉर्म बनी रहती है, बल्कि घरेलू टूर्नामेंट को भी लोकप्रियता और व्यावसायिक समर्थन मिलता है।

इस कदम से युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी, जो सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर सकेंगे।

क्या यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तैयारी है?

विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति आगामी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और घरेलू टेस्ट सीरीज की तैयारियों का भी हिस्सा हो सकती है। घरेलू पिचों पर प्रदर्शन करने से खिलाड़ी अपनी तकनीक को और परख सकते हैं, जो विदेशी दौरों पर कारगर साबित हो सकता है।

इसके अलावा, बोर्ड यह भी चाहता है कि खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट का महत्व समझ में आए, जिसे अक्सर उपेक्षित किया जाता रहा है।

फैन्स के लिए सौगात

विराट और रोहित को घरेलू मैदानों पर खेलते देखना क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ और रोमांचक अनुभव होगा। इससे स्टेडियम में दर्शकों की संख्या भी बढ़ेगी और छोटे शहरों में क्रिकेट का क्रेज़ और अधिक फैलेगा।

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