फैटी लिवर, यानी यकृत में वसा का अत्यधिक जमाव, आज की जीवनशैली से जुड़ी सबसे आम बीमारियों में से एक है। यह शुरुआत में पूरी तरह साइलेंट डिज़ीज़ होती है, लेकिन समय रहते लक्षणों की पहचान न की जाए तो यह लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस, या यहां तक कि लिवर फेल्योर का कारण भी बन सकती है।
हालांकि आमतौर पर इसके लक्षण पेट या पाचन से जुड़ी समस्याओं के रूप में देखे जाते हैं, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार फैटी लिवर का एक खास संकेत पैरों में भी दिखाई देता है, जिसे नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है।
पैरों में सूजन — फैटी लिवर का अनदेखा संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, जब लिवर में अत्यधिक फैट जमा हो जाता है, तो उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लिवर शरीर में प्रोटीन (एल्ब्युमिन) बनाता है जो रक्त में द्रव संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जब यह प्रोटीन कम बनता है, तो रक्त वाहिकाओं से पानी बाहर निकलकर पैरों में सूजन (Edema) के रूप में जमा होने लगता है।
यह सूजन:
आमतौर पर टखनों, पंजों और पिंडलियों में होती है
सुबह की बजाय शाम को अधिक महसूस होती है
स्पर्श करने पर दब जाती है और धीरे-धीरे उठती है
दर्द के बिना भारीपन या खिंचाव जैसा लगता है
किन कारणों से बढ़ रहा है फैटी लिवर?
फैटी लिवर मुख्यतः दो प्रकार का होता है —
NAFLD (Non-alcoholic fatty liver disease)
AFLD (Alcoholic fatty liver disease)
NAFLD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और इसके पीछे कारण हैं:
अत्यधिक जंक फूड का सेवन
शारीरिक गतिविधि की कमी
मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज़
उच्च कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर
तनाव और नींद की खराब गुणवत्ता
विशेषज्ञों की राय
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. कहते हैं, “जब मरीज फैटी लिवर की शिकायत लेकर आते हैं, तब तक बीमारी अक्सर बढ़ चुकी होती है। लेकिन यदि व्यक्ति पैरों में बार-बार सूजन या भारीपन महसूस करे, और साथ ही थकान, भूख में कमी या पेट में भारीपन जैसे लक्षण हों — तो बिना देरी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।”
इन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़:
पैरों में नियमित सूजन या भारीपन
त्वचा में पीलापन
थकान और आलस
भूख में कमी
पेट के ऊपरी हिस्से में दबाव या असहजता
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