आंखों से पानी आना (Watery Eyes) कई लोगों के लिए आम बात हो सकती है, लेकिन जब यह समस्या बार-बार या लगातार बनी रहती है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा कर सकती है। कई बार लोग इसे मौसम, धूल या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह आंखों की सेहत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
नेत्र रोग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आंखों से बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार पानी आता है, तो समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी हो जाता है। आइए समझते हैं, इसके पीछे के संभावित कारण और बीमारियां।
आंखों से पानी क्यों आता है?
आंखों से पानी आना एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है, जिससे आंखें खुद को साफ और सुरक्षित रखती हैं। यह आंसुओं द्वारा होता है, जो आंखों को नम रखते हैं, धूल-कण हटाते हैं और संक्रमण से बचाते हैं। लेकिन जब यह अत्यधिक या लगातार होने लगे, तो यह सामान्य प्रक्रिया नहीं रह जाती।
किन बीमारियों के कारण आ सकता है आंखों से पानी?
1. कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis):
यह आंखों की सबसे आम बीमारी है, जिसे आम भाषा में “आंख आना” कहा जाता है। इसमें आंखों में जलन, लाली और पानी आना प्रमुख लक्षण होते हैं। यह वायरल, बैक्टीरियल या एलर्जिक हो सकता है।
2. एलर्जी (Eye Allergy):
धूल, परागकण, धुआं या पालतू जानवरों की रूसी से एलर्जी होने पर आंखों से पानी आ सकता है। यह एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस का हिस्सा होता है।
3. ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome):
सुनने में अजीब लगे, लेकिन जब आंखों में पर्याप्त नमी नहीं होती, तो शरीर खुद को बचाने के लिए अधिक आंसू बनाता है। इससे भी बार-बार पानी बहता है।
4. आंसू नलिकाओं का अवरोध (Blocked Tear Ducts):
जब आंख से नाक की ओर जाने वाली आंसू नलिकाएं बंद हो जाती हैं, तो आंसू आंख से बाहर निकलने लगते हैं और पानी बहता रहता है। यह बच्चों और बुजुर्गों दोनों में आम है।
5. पलकों की गड़बड़ी (Eyelid Problems):
अगर पलकों का अंदर या बाहर की ओर मुड़ जाना (Entropion या Ectropion) हो जाए, तो आंख ठीक से बंद नहीं होती और आंसू बहने लगते हैं।
6. कॉर्निया में चोट या संक्रमण (Corneal Ulcer):
अगर आंख में कोई चोट, खरोंच या इन्फेक्शन हो जाए तो आंखों में जलन और पानी आना स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है।
अन्य संभावित कारण
लेंस का गलत इस्तेमाल
अधिक देर स्क्रीन देखना
ठंडी हवा या तेज रोशनी
थकान या नींद की कमी
आंखों में कोई बाहरी कण चले जाना
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
डॉ. बताती हैं, “लगातार आंखों से पानी आना शरीर का संकेत है कि आंखों में कुछ ठीक नहीं है। अगर लक्षण दो दिन से ज्यादा बने रहते हैं, तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है। अपने स्तर पर आई ड्रॉप्स डालना कई बार उल्टा असर कर सकता है।”
क्या करें और क्या न करें?
करें:
साफ हाथों से आंखें साफ करें
डॉक्टर द्वारा सुझाए गए ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें
आंखों को धूल और धुएं से बचाएं
पर्याप्त नींद लें और स्क्रीन टाइम सीमित करें
न करें:
आंखों में खुद से कोई दवा न डालें
गंदे हाथों से आंखों को न छुएं
लक्षण को नजरअंदाज न करें
यह भी पढ़ें:
130वें संविधान संशोधन पर सियासी घमासान, बहुमत नहीं फिर भी केंद्र क्यों है आगे
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check