राजधानी में मंगलवार की शाम उस समय सनसनी फैल गई जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हमला कर दिया गया। यह घटना तब हुई जब सीएम एक जनसभा में लोगों से संवाद कर रही थीं। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर भीड़ में शामिल था, और हमला बिलकुल अचानक किया गया, जिससे सुरक्षाकर्मियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
घटना के बाद मुख्यमंत्री को तुरन्त सुरक्षा घेरे में लेकर मंच से हटाया गया और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या बोले चश्मदीद?
एक स्थानीय दुकानदार, जो मौके पर मौजूद था, ने बताया, “सीएम गुप्ता मंच से नीचे उतर कर लोगों से मिल रही थीं। तभी भीड़ में से एक युवक ने तेज़ आवाज़ में कुछ कहा और झपट्टा मारा। सुरक्षाकर्मी तुरंत एक्टिव हुए, लेकिन हमला हो चुका था।”
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “हम सब सोच ही नहीं पाए कि हमला हो भी सकता है। वो व्यक्ति आम भीड़ का हिस्सा लग रहा था।”
हमले के बाद क्या हुआ?
सूत्रों के मुताबिक हमलावर को तुरंत मौके से हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह युवक मानसिक रूप से अस्थिर हो सकता है, हालांकि राजनीतिक एंगल की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने बयान जारी करते हुए कहा, “हमारी जांच जारी है। आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।”
राजनीतिक हलचल तेज
हमले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं। यह हमला किसी व्यक्ति पर नहीं, लोकतंत्र की भावना पर किया गया है।”
विपक्षी दलों ने हमले की निंदा करते हुए इसे सुरक्षा चूक बताया और मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है।
सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल
घटना के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक सार्वजनिक सभा में सीएम तक कोई हमलावर कैसे पहुंच गया? क्या सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट नहीं मिला था? क्या फील्ड प्रोटोकॉल का पालन किया गया?
यह भी पढ़ें:
गर्मी में भी पसीना न आना: गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं? जानें एक्सपर्ट की राय
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check