चक्कर आना एक सामान्य अनुभव हो सकता है – जैसे अचानक खड़े होने पर हल्का सिर घूमना। लेकिन जब यह बार-बार हो और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ करना खतरे से खाली नहीं।
चक्कर आने के पीछे छिपी हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियाँ:
1. लो ब्लड प्रेशर (Hypotension)
खून का दबाव बहुत कम होने पर दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे चक्कर आता है।
2. एनीमिया (खून की कमी)
शरीर में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन घटता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।
3. डायबिटीज और ब्लड शुगर का गिरना (Hypoglycemia)
लो ब्लड शुगर का असर सीधे दिमाग पर पड़ता है, जिससे चक्कर या बेहोशी आ सकती है।
4. कान से जुड़ी समस्याएं (Vertigo या Inner Ear Disorder)
कान के अंदर बैलेंस सिस्टम गड़बड़ाने पर बार-बार चक्कर आ सकते हैं।
5. डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट की कमी
पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी से शरीर संतुलन खो बैठता है।
6. हृदय संबंधी रोग (Heart Conditions)
दिल ठीक से खून नहीं पंप कर पाता तो दिमाग तक पहुंच कम हो जाती है, जिससे चक्कर आने लगते हैं।
कब समझें कि चक्कर गंभीर है?
- चक्कर के साथ धुंधली दृष्टि या बेहोशी
- सीने में दर्द या धड़कन तेज होना
- बार-बार बैठने या उठने पर चक्कर
- लंबे समय से चल रही थकान और कमजोरी
- चलने-फिरने में संतुलन खोना
क्या करें?
- डॉक्टर से जाँच करवाएं:
ब्लड टेस्ट, ईसीजी, बीपी और शुगर की जांच ज़रूर कराएं। - पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें:
दिनभर में 2-3 लीटर पानी पिएं। - आयरन और विटामिन्स लें:
हरी सब्जियाँ, चुकंदर, अनार, अंडे और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। - अचानक उठने-बैठने से बचें:
धीरे-धीरे पोजिशन बदलें। - नींद पूरी लें और तनाव कम करें
बार-बार चक्कर आना शरीर की भीतर छिपी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। इसे मामूली समझकर टालना आगे चलकर खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच और सावधानी से आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
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