ड्राई फ्रूट्स यानी मेवे को सेहत का खजाना माना जाता है। ये विटामिन, मिनरल्स, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, और अक्सर इम्युनिटी बूस्टर या हेल्दी स्नैक के तौर पर सुझाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स सभी लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होते? कुछ विशेष स्थितियों में इनका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है।
डायटिशियन की राय: सभी के लिए नहीं है “हेल्दी” मेवे का सेवन
डायटिशियन बताती हैं:
“ड्राई फ्रूट्स पोषक होते हैं लेकिन इनमें उच्च मात्रा में कैलोरी और नैचुरल शुगर होती है। कुछ लोगों की मेडिकल कंडीशन ऐसी होती है, जहां इनका सेवन करना शरीर पर उल्टा असर डाल सकता है।”
किन्हें ड्राई फ्रूट्स से परहेज करना चाहिए?
डायबिटीज मरीज
किशमिश, अंजीर और खजूर में नैचुरल शुगर होती है, जो ब्लड शुगर बढ़ा सकती है।
इनका सेवन सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही करें।
वजन कम करने वाले लोग
काजू, बादाम, अखरोट जैसे मेवों में फैट और कैलोरी अधिक होती है।
ज़्यादा मात्रा में सेवन से वजन बढ़ सकता है।
एलर्जी वाले व्यक्ति
कुछ लोगों को नट्स से एलर्जी होती है जिससे खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
ब्लड प्रेशर के मरीज
नमकीन ड्राई फ्रूट्स (सॉल्टेड) से सोडियम का स्तर बढ़ सकता है, जो बीपी को प्रभावित करता है।
पाचन संबंधी समस्या वाले लोग
ड्राई फ्रूट्स फाइबर में रिच होते हैं, जो गैस, पेट फूलना या डायरिया का कारण बन सकते हैं।
क्या है सही तरीका सेवन का?
दिन में 4–6 बादाम, 1 अखरोट और थोड़ी मात्रा में किशमिश पर्याप्त होती है।
ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर खाना अधिक फायदेमंद होता है।
बिना नमक और बिना चीनी के शुद्ध मेवे चुनें।
बच्चों और बुजुर्गों को कम मात्रा में दें।
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