शिशु के जीवन में पहला दांत आना एक खास और उत्साहजनक क्षण होता है। लेकिन यह प्रक्रिया कई बार माता-पिता के लिए चिंता और परेशानी का कारण भी बन जाती है, खासकर जब बच्चा बेचैनी महसूस करता है, रोता है या कुछ भी खाने से मना करता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि बच्चों के दांत कब आने शुरू होते हैं, और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
डॉक्टर की राय: बच्चों के दांत आने की सामान्य उम्र
डॉ. बताती हैं:
“बच्चों के पहले दांत आमतौर पर 6 से 10 महीने की उम्र के बीच आना शुरू होते हैं। पहले निचले सामने के दो दांत (मैंडिबुलर इनसाइज़र) निकलते हैं, इसके बाद ऊपर के सामने वाले दो दांत। लगभग 2.5 से 3 साल की उम्र तक शिशु के 20 दूध के दांत आ जाते हैं।”
दांत निकलने के संकेत (Teething Symptoms):
अत्यधिक लार आना (Drooling)
चिड़चिड़ापन या बार-बार रोना
कुछ चबाने या मुंह में डालने की कोशिश
हल्का बुखार या मसूड़ों में सूजन
नींद में परेशानी
इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
गम मसाज करें: साफ उंगली या सिलिकॉन टीथर से मसूड़ों पर हल्के हाथों से मसाज करें।
टीथिंग रिंग दें: साफ-सुथरी और BPA-फ्री टीथिंग रिंग बच्चे को राहत दे सकती है।
साफ-सफाई: बच्चे के मुंह, मसूड़े और खिलौने हमेशा साफ रखें।
भोजन में सावधानी: ठंडा और नरम खाना दें जैसे दही, केले या उबली गाजर।
दवाएं डॉक्टर से पूछकर: दर्द या सूजन होने पर डॉक्टर से पूछकर ही कोई टीथिंग जेल या पेरासिटामोल दें।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
यदि बच्चा 1 साल का हो गया है और एक भी दांत नहीं निकला है
मसूड़ों में अधिक सूजन, पस या लगातार बुखार हो
बच्चा बहुत ज्यादा परेशान हो रहा हो या खा-पी नहीं रहा हो
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