वेस्टइंडीज के विस्फोटक ऑलराउंडर आंद्रे रसेल ने अपने इंटरनेशनल करियर का अंतिम मैच खेलते हुए एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं। भले ही उनका करियर का आगाज साधारण रहा हो, लेकिन उनका अंत शानदार अंदाज में हुआ। रसेल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने फेयरवेल T20I मैच में सिर्फ 15 गेंदों पर 36 रन की तूफानी पारी खेलकर फैंस के दिलों में खास जगह बना ली।
आखिरी मैच में बिखेरा जलवा
सीरीज के दूसरे T20I मैच में जब रसेल बल्लेबाजी करने आए, तो उन्होंने किसी भी गेंदबाज़ को नहीं बख्शा। चार छक्कों और दो चौकों की मदद से 240 के स्ट्राइक रेट से बनाए गए उनके 36 रन इस बात के गवाह हैं कि वह अपने करियर के अंत में भी उतनी ही ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरे थे, जितना कि कोई युवा खिलाड़ी।
करियर का आंकलन
रसेल का इंटरनेशनल करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन प्रभावशाली जरूर रहा।
टोटल इंटरनेशनल मैच: 142
कुल रन: 2100+
विकेट्स: 132
वनडे मैच: 56
T20I मैच: 85
टेस्ट मैच: 1
उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में तो केवल एक ही मैच खेला, लेकिन वनडे और T20I में अपनी मौजूदगी से टीम को मजबूती दी। खासकर T20 क्रिकेट में उनकी हिटिंग एबिलिटी और डेथ ओवर्स में विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें एक अनोखा खिलाड़ी बना दिया।
करियर की शुरुआत
पहला टेस्ट: श्रीलंका के खिलाफ, 2010 (गॉल)
पहला वनडे: आयरलैंड के खिलाफ, मार्च 2011
पहला T20I: पाकिस्तान के खिलाफ, अप्रैल 2011
T20 करियर की शुरुआत पर: जीरो पर आउट
T20 करियर का अंत: 240 स्ट्राइक रेट से 36 रन
रसेल का प्रभाव
रसेल ने ना केवल इंटरनेशनल क्रिकेट में, बल्कि फ्रेंचाइज़ी लीग क्रिकेट में भी धमाल मचाया। चाहे आईपीएल हो या कैरेबियन प्रीमियर लीग, रसेल का नाम सिक्स मशीन और मिडल ओवर्स के विनर के तौर पर लिया जाता है।
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