क्रेडिट कार्ड से पेट्रोल भरवाना पड़ सकता है भारी! क्या आप भी खतरे में हैं

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसने लाखों लोगों की नींद उड़ा दी है। वीडियो में एक शख्स पेट्रोल पंप पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट न करने की चेतावनी देता है। दावा किया गया है कि एक व्यक्ति ने कार्ड स्वाइप किया और कुछ ही दिनों में उसके खाते से ₹1 लाख से ज्यादा की रकम गायब हो गई। यह वीडियो सार्थक अहूजा नामक यूजर ने शेयर किया है और इसे अब तक 70 लाख बार से अधिक देखा जा चुका है।

क्या है कार्ड स्किमिंग स्कैम?
कार्ड स्किमिंग एक तरह की साइबर धोखाधड़ी है, जिसमें अपराधी POS मशीन या ATM में एक गुप्त डिवाइस (स्किमर) फिट कर देते हैं। जब कोई व्यक्ति कार्ड स्वाइप करता है, तो स्किमर उसकी कार्ड डिटेल्स और PIN चुरा लेता है। बाद में उस जानकारी से क्लोन कार्ड बनाकर पैसे निकाल लिए जाते हैं।

पेट्रोल पंप क्यों हैं सबसे असुरक्षित?
पेट्रोल पंप पर POS मशीनें अक्सर खुले में, बिना निगरानी के होती हैं। धोखेबाज़ इन मशीनों में स्किमर लगाकर कार्ड डेटा चुरा लेते हैं। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट राहुल मिश्रा के मुताबिक, ये धोखेबाज़ पहले छोटी रकम ट्रांजैक्ट करते हैं ताकि किसी को शक न हो।

कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?
✔ अनजान जगह या पेट्रोल पंप पर कार्ड स्वाइप करने से बचें।
✔ RFID ब्लॉकिंग वॉलेट का उपयोग करें, जो कार्ड स्कैनिंग से सुरक्षा देता है।
✔ सभी ट्रांजैक्शन्स पर SMS/Email अलर्ट एक्टिव रखें।
✔ कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक को सूचित करें और कार्ड ब्लॉक करवाएं।
✔ इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन ऑप्शन बंद रखें, जब तक जरूरत न हो।

RFID ब्लॉकिंग क्या है?
यह एक सुरक्षा तकनीक है जो कार्ड की रेडियो फ्रीक्वेंसी को स्कैमर से बचाती है। RFID वॉलेट्स खास लेयर से बने होते हैं जो स्कैनिंग तरंगों को ब्लॉक कर देते हैं – खासकर मेट्रो, बाजार या भीड़ वाली जगहों पर।

अगर स्किमिंग हो जाए तो क्या करें?
तुरंत बैंक को कॉल करें और कार्ड ब्लॉक करवाएं।

चार्जबैक प्रक्रिया शुरू करें।

www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या साइबर सेल में FIR दर्ज कराएं।

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