नीतीश के भरोसेमंद अफसर का इस्तीफा: अब नवादा से लड़ सकते हैं चुनाव

बिहार की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इन बदलते समीकरणों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रमुख सचिव और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के तहत आवेदन देकर प्रशासनिक सेवा को अलविदा कहने की तैयारी कर ली है। इस कदम से उनके राजनीति में प्रवेश और आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।

कौन हैं डॉ. एस. सिद्धार्थ?
एस. सिद्धार्थ 1991 बैच के IAS अधिकारी हैं और बिहार के सबसे चर्चित नौकरशाहों में गिने जाते हैं। उनका जन्म तमिलनाडु में हुआ था, और वे IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद IIM अहमदाबाद से एमबीए कर चुके हैं। वे एक प्रशिक्षित पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, कार्टूनिस्ट और पेंटर भी हैं। प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ उनके रचनात्मक पक्ष ने भी उन्हें काफी लोकप्रिय बनाया।

इस्तीफे के पीछे चुनावी मंशा?
सूत्रों के अनुसार, एस. सिद्धार्थ ने 17 जुलाई को VRS का आवेदन सौंपा है, जबकि उनकी सेवानिवृत्ति की तय तारीख 30 नवंबर 2025 थी। माना जा रहा है कि वे जदयू के टिकट पर नवादा से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने हाल ही में नवादा का दौरा भी किया, जिससे इस संभावना को और बल मिला है।

अकेले नहीं, एक और करीबी अधिकारी का VRS
एस. सिद्धार्थ से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक और करीबी IAS अधिकारी दिनेश राय भी VRS ले चुके हैं। उनके भी राजनीति में उतरने की चर्चा है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि नीतीश कुमार आने वाले चुनावों में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले चेहरों को राजनीति में लाकर नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।

कब होंगे बिहार विधानसभा चुनाव?
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग अक्टूबर 2025 में चुनाव करवा सकता है। राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है, और प्रशासनिक सेवा से राजनीति में कूदने वाले चेहरों की एंट्री इस बार चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकती है।

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