टीवी सीरियल्स की दुनिया में वैंप यानी नेगेटिव किरदारों को निभाकर अपनी खास पहचान बनाने वाली जानी-मानी एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य का सफर जितना ग्लैमरस दिखता है, असल जिंदगी में उतना ही संघर्षों भरा और चौंकाने वाला रहा है। उन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कसम से’, ‘केसर’, ‘हातिम’ जैसे हिट शोज में काम किया, लेकिन उनकी राह आसान नहीं रही।
हाल ही में एक इंटरव्यू में जया ने अपनी जिंदगी से जुड़े कुछ हैरान करने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि कैसे एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें लगातार 7 साल तक काम नहीं मिला, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने वैंप के तौर पर पहचान बना ली थी। लोगों ने उन्हें टाइपकास्ट कर दिया और दूसरे रोल्स के लिए उन्हें नजरअंदाज किया जाने लगा।
17 साल की उम्र में मिला था खतरनाक ऑफर
जया ने बताया कि जब वह महज 17-18 साल की थीं, तब एक अंकल उन्हें गाड़ी चलाना सिखाने के बहाने घर आते थे। बाद में पता चला कि वह व्यक्ति माफिया से जुड़ा हुआ था और राजनीतिक रसूख भी रखता था। उसने जया को मुंबई ले जाकर माधुरी दीक्षित बनाने का वादा किया और यहां तक कि शादी का प्रस्ताव देकर 2 लाख रुपये ‘मेहर’ में देने की बात कही। लेकिन जया ने साफ कह दिया – “मैं बिकाऊ नहीं हूं।”
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में नहीं मिला सम्मान
जया ने इस मशहूर शो में बिना किसी पुख्ता कमिटमेंट के 7 साल तक काम किया, लेकिन उन्हें वह सम्मान और मेहनताना नहीं मिला जिसके वह हकदार थीं। उन्होंने बताया कि जहां शो में बाकी कलाकारों के 2000 रुपये बढ़े, उनके सिर्फ 1000 रुपये बढ़ाए गए। और सबसे बड़ी बात, उन्हें शो में इज्जत नहीं मिली, ना ही कोई अवॉर्ड।
देवदास जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म में भी निभाया अहम रोल
जया ने 2002 में आई संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास’ में भी काम किया था। इसमें वह ऐश्वर्या राय के साथ एक अहम लेकिन छोटा किरदार निभाती नजर आई थीं।
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