बांग्लादेश के 6 इस्लामिक बैंकों में हजारों करोड़ का घोटाला, इंटरनेशनल ऑडिट में खुली पोल

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अब आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ा झटका सामने आया है। देश के छह प्रमुख शरिया-आधारित बैंकों में हजारों करोड़ टका की वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों का खुलासा हुआ है। ये चौंकाने वाला डेटा अंतरराष्ट्रीय ऑडिटिंग कंपनियों KPMG और Ernst & Young की रिपोर्ट में सामने आया है।

एनपीए में चार गुना उछाल
एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से जनवरी में इन बैंकों की समीक्षा शुरू की गई थी। जिन बैंकों का AQR (Asset Quality Review) किया गया, उनमें शामिल हैं:

फर्स्ट सिक्योरिटी इस्लामी बैंक

सोशल इस्लामी बैंक

यूनियन बैंक

ग्लोबल इस्लामी बैंक

आईसीबी इस्लामिक बैंक

एक्जिम बैंक

बांग्लादेश बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, इन बैंकों में 35,044 करोड़ टका का NPA था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ऑडिट के अनुसार यह आंकड़ा 147,595 करोड़ टका तक पहुंच गया है—यानी चार गुना अधिक!

सबसे बड़ी धांधली वाले बैंक
तीन बैंकों में घोटाले की स्थिति सबसे भयावह है:

फर्स्ट सिक्योरिटी इस्लामी बैंक: रिपोर्ट के मुताबिक, NPA अनुपात 96.37% है, जबकि बैंक ने सिर्फ 21.48% बताया था।

यूनियन बैंक: असल NPA 97.80%, जबकि पहले बताया गया था 44%।

ग्लोबल इस्लामी बैंक: 95% वास्तविक NPA, जबकि रिपोर्ट में केवल 27% बताया गया।

इन बैंकों में पूंजी की भारी कमी भी देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, छह बैंकों के लिए संयुक्त प्रावधान की कमी 115,672 करोड़ टका तक है।

क्या होगा आगे?
बैंक एशिया के पूर्व एमडी मोहम्मद अरफान अली ने कहा कि AQR एक बेहद जरूरी कदम था। इससे यह तय किया जा सकेगा कि इन बैंकों को बचाने के लिए सरकार को अस्थायी रूप से अधिग्रहण करना पड़ेगा या निजी निवेशकों को सौंपा जाएगा।

इस खुलासे के बाद बांग्लादेश की बैंकिंग प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय भरोसे को गहरा झटका लगा है, और यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या धार्मिक छवि के पीछे वित्तीय भ्रष्टाचार को छिपाया जा रहा था?

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