अहमदाबाद विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद भारत के नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (DGCA) ने सोमवार को एयरलाइनों को अपने बोइंग 737 और 787 विमानों में लगे फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे के बाद सामने आया फ्यूल स्विच सिस्टम का फेल्योर
बोइंग 787-8 विमान की 12 जून 2025 को हुई दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हुई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि विमान के दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति अचानक बंद हो गई थी। इससे टेकऑफ़ के तुरंत बाद कॉकपिट में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से पूछता है —
“क्या तुमने स्विच बंद किया?”
दूसरे पायलट ने जवाब दिया —
“नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया।”
FAA पहले ही दे चुका था चेतावनी
अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने 2018 में बोइंग विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग फीचर को लेकर संभावित तकनीकी समस्या की चेतावनी दी थी। हालांकि, FAA ने इसे उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा नहीं माना और कोई बाध्यकारी निर्देश (Airworthiness Directive) जारी नहीं किया।
DGCA का आदेश: 21 जुलाई तक जांच पूरी करें
DGCA ने कहा है कि भारत की एयरलाइनों को 21 जुलाई 2025 तक इन फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम्स की परीक्षा पूरी करनी होगी और रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह कदम विमानों की “निरंतर उड़ान योग्यता (airworthiness)” और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
एयर इंडिया ने शुरू की जांच, अन्य कंपनियों पर भी नजर
एयर इंडिया ने पहले ही अपने 33 बोइंग 787 और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 75 बोइंग 737 विमानों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें से अधिकतर विमानों की जांच पूरी हो चुकी है।
अकासा एयर, स्पाइसजेट, और इंडिगो जैसी एयरलाइनों के पास भी बोइंग 737 और 787 विमान हैं। लेकिन इंडिगो के विमान विदेशी रजिस्ट्रेशन वाले लीज पर हैं, इसलिए उन पर DGCA का यह आदेश सीधे लागू नहीं होता।
इस हादसे के बाद एतिहाद एयरवेज़ और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी अपने बोइंग 787 विमानों की फ्यूल स्विच सिस्टम जांच शुरू कर दी है।
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