जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन ने आज एक बार फिर साबित कर दिया कि वे न सिर्फ देश की सुरक्षा के प्रहरी हैं, बल्कि मानव सेवा में भी अव्वल हैं। बाबा अमरनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए ये जवान देवदूत बनकर सामने आए, जब एक सड़क हादसे में 36 श्रद्धालु घायल हो गए।
सुबह-सुबह हुआ बड़ा हादसा
शनिवार सुबह करीब 7:25 बजे, चंद्रकोट इलाके में एक अनियंत्रित बस (एमपी10जेडएफ-7999) श्रद्धालुओं को लेकर पहुंची। ड्राइवर का नियंत्रण खोने के कारण वह बस पहले से खड़ी 5 अन्य बसों से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज़ थी कि बस में बैठे यात्री घायल होकर उसमें फंस गए।
सीआरपीएफ जवानों ने संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद वहां तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने हालात को अपने हाथ में लिया। जवानों ने घायलों को कंधों पर उठाकर बस से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार देना शुरू किया।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व सीआरपीएफ की स्पेशल मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनु गोरके ने किया। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
कमांडेंट ने खुद लिया मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन रणबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और जिन श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आई थीं, उनके लिए नई बसों की व्यवस्था करवाई, ताकि वे अमरनाथ यात्रा पूरी कर सकें।
श्रद्धालुओं ने जताया आभार
मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद किया। उनका कहना था कि अगर जवान समय पर न पहुंचते तो स्थिति और खराब हो सकती थी।
84वीं बटालियन का काम सिर्फ सुरक्षा नहीं, सेवा भी है
जम्मू-श्रीनगर हाईवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली 84वीं बटालियन, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया करवा रही है। रामबन, बनिहाल और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में ये जवान जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रहे हैं।
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