पैरों में लगातार सुन्नता, भारीपन या सूजन महसूस हो रही है? हो सकता है कि ये खराब ब्लड सर्कुलेशन का संकेत हो। शरीर के किसी भी हिस्से में रक्त का प्रवाह कम हो जाए तो वहां पोषण और ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। और अगर ये समस्या पैरों में हो तो चलना-फिरना तक मुश्किल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में इन संकेतों को पहचानना और वक्त रहते इलाज करवाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं, पैरों में ब्लड सर्कुलेशन की कमी के प्रमुख लक्षण क्या हैं।
⚠️ पैरों में खराब ब्लड सर्कुलेशन के लक्षण
1. मांसपेशियों में बेचैनी और खिंचाव
जब ब्लड सर्कुलेशन सुचारु नहीं रहता, तो मांसपेशियों को जरूरी पोषण और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इससे पैरों में बेचैनी, जकड़न और खिंचाव महसूस हो सकता है, खासकर आराम करते समय।
2. पैरों में सूजन
रक्त प्रवाह के सही न होने से शरीर में फ्लूइड जमा होने लगता है, जो कि वॉटर रिटेंशन जैसी स्थिति बना देता है। इसका सीधा असर पैरों की नसों पर पड़ता है और वहां सूजन दिखाई देने लगती है।
3. नील निशान या ब्रूज बनना
ब्लड सर्कुलेशन के धीमा होने से त्वचा के नीचे मौजूद ब्लड वेसेल्स कमजोर हो जाते हैं। हल्की चोट लगने पर भी नील पड़ जाते हैं क्योंकि वहां जमा खून ठीक से बह नहीं पाता।
4. उंगलियों का सुन्न या पीला पड़ना
जब रक्त प्रवाह पर्याप्त नहीं होता, तो उंगलियों में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस होती है। साथ ही उनमें पीलेपन की स्थिति भी आ सकती है, जो ऑक्सीजन की कमी को दर्शाता है।
🩺 क्या करें?
अगर आपको उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लंबे समय तक दिखाई दे रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से परामर्श लें और उचित इलाज शुरू करें। इसके साथ ही आप हल्की फिजिकल एक्टिविटी, संतुलित डाइट और पर्याप्त पानी पीने की आदत को अपनाकर ब्लड सर्कुलेशन सुधार सकते हैं।
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