डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें हर एक चीज़ सोच-समझकर खानी पड़ती है, क्योंकि छोटी-सी चूक भी ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। सब्ज़ियों और फलों की बात तो हम अक्सर करते हैं, लेकिन आज बात करते हैं बेसन की — जो कई भारतीय व्यंजनों का अहम हिस्सा है।
लखनऊ डाइट क्लीनिक की डायटिशियन अश्विनी ए. कुमार बताती हैं कि डायबिटीज में बेसन खाना सही भी हो सकता है और गलत भी, यह इस पर निर्भर करता है कि कैसे खाया जा रहा है।
✅ क्या डायबिटीज में बेसन खाना ठीक है?
बिलकुल!
बेसन, जो कि चना पीसकर बनाया जाता है, उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत कम होता है।
चने का GI: 6
बेसन का GI: 10
इसका मतलब है कि बेसन धीरे-धीरे ब्लड शुगर बढ़ाता है, जो कि डायबिटिक पेशेंट्स के लिए बेहतर होता है।
⚠️ कब नुकसानदेह हो सकता है बेसन?
अगर आप बेसन से बने तले हुए स्नैक्स जैसे कि
पकोड़े
भजिया
बेसन टिक्की
जैसी चीजें खा रहे हैं, तो ये GI को 28 से 35 तक बढ़ा सकते हैं।
इससे ब्लड शुगर अचानक तेजी से बढ़ सकता है, जो कि डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक है।
🍽️ डायबिटीज में बेसन खाने का सही तरीका
घर पर बना बेसन इस्तेमाल करें।
कोशिश करें कि खुद भुने हुए चने को दरदरा पीसकर बेसन बनाएं।
तली हुई चीज़ें न खाएं, बल्कि बेसन की रोटी बनाकर खाएं।
👉 बेसन की रोटी न सिर्फ शुगर कंट्रोल करती है बल्कि यह आपके शरीर को फाइबर, प्रोटीन और एनर्जी भी देती है।
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