राजनीति

April, 2026

  • 6 April

    मिथुन से लेकर लिएंडर तक: BJP ने पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारत निर्वाचन आयोग को 40 स्टार प्रचारकों की एक सूची सौंपी है। इस हाई-प्रोफाइल सूची का उद्देश्य सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ पार्टी के चुनाव प्रचार को तेज़ करना है। यह चुनाव एक बेहद कड़ा और दो-ध्रुवीय मुकाबला बनता दिख रहा है। शीर्ष नामों में प्रधानमंत्री …

  • 6 April

    मुख्यमंत्री सेहत योजना: पंजाब में मेडिकल इमरजेंसी में परिवारों की मदद

    पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY), जिसे जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरू किया था, एक बड़ी पहल के तौर पर सामने आई है। यह योजना हर परिवार को हर साल ₹10 लाख तक का कैशलेस मेडिकल इलाज मुहैया कराती है। यह योजना राज्य के हर निवासी परिवार को कवर करती है — …

  • 5 April

    राहुल गांधी का करारा हमला, हिमंत बिस्वा सरमा पर कहा—‘भारत के सबसे भ्रष्ट CM’

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 5 अप्रैल, 2026 को बिश्वनाथ में हुई एक रैली के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला और उन्हें “भारत का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” बताया। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, गांधी ने सरमा पर आरोप लगाया कि वे शासन में अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने …

  • 5 April

    असम सीएम का करारा जवाब: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आरोपों को ठुकराया

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 5 अप्रैल, 2026 को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आरोपों को ज़ोरदार तरीके से खारिज करते हुए, उनके परिवार के खिलाफ फैलाए जा रहे दस्तावेज़ों को “मनगढ़ंत” और “बदनाम करने की साज़िश” का हिस्सा बताया। X पर की गई विस्तृत पोस्ट में, सरमा ने दावा किया कि इन दस्तावेज़ों में “साफ तौर पर …

  • 5 April

    राघव चड्ढा का करारा जवाब, AAP की आलोचना पर कहा—‘मेरे साथियों के लिए पिक्चर अभी बाकी है’

    आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी के सहयोगियों द्वारा लगाए गए उन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने संसद में पंजाब के मुद्दों की अनदेखी की। उन्होंने इन आरोपों को “पूरी तरह से झूठा” और “राजनीति से प्रेरित” बताया। 5 अप्रैल, 2026 को जारी बयानों और …

  • 4 April

    केरल चुनावी ड्रामा: शशि थरूर के काफिले पर हमला, 3 हिरासत में

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले को शुक्रवार शाम, 3 अप्रैल, 2026 को केरल के मलप्पुरम जिले में रोक दिया गया, और उनकी सुरक्षा टीम के एक सदस्य पर कथित तौर पर हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब वे राज्य विधानसभा चुनावों से पहले प्रचार कर रहे थे। यह घटना शाम 7:30 बजे के आसपास वांडूर इलाके में …

  • 4 April

    विधानसभा चुनाव से 5 दिन पहले: PM मोदी करेंगे केरल में चुनावी रैली संबोधन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 4 अप्रैल, 2026 को केरल का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे का मकसद 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले केरल विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के चुनाव प्रचार को तेज़ करना है। इस दौरे का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और मध्य तथा दक्षिणी निर्वाचन क्षेत्रों में समर्थन को मज़बूत करना …

  • 3 April

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे INS अरिहमन को भारतीय नौसेना में शामिल

    रक्षा मंत्री **राजनाथ सिंह** ने **शुक्रवार, 3 अप्रैल, 2026** को विशाखापत्तनम में भारत की तीसरी स्वदेशी रूप से निर्मित परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN), **INS अरिदमन** (S4) को भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह सादा समारोह पूर्वी नौसेना कमान बेस पर उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट **INS तारागिरी** (प्रोजेक्ट 17A) के कमीशनिंग के साथ ही आयोजित किया गया था; यह बेस भारत …

  • 3 April

    पश्चिम बंगाल और असम में BJP की किस्मत का फैसला सिर्फ़ एक वोट ब्लॉक पर

    पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों — **असम**, **पश्चिम बंगाल**, **तमिलनाडु**, **केरल**, और **पुडुचेरी** — के विधानसभा चुनाव अप्रैल 2026 में होने हैं, और इनके नतीजे 4 मई को आएंगे। ये चुनाव **भारतीय जनता पार्टी (BJP)** के लिए बहुत अहम हैं; पार्टी का लक्ष्य पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में सरकार बनाना है, जबकि वह तमिलनाडु और केरल में भी अपनी पैठ …

  • 3 April

    वामपंथ का सफ़र: 67 सालों की ताकत, अब विधानसभा चुनाव 2026 में सबसे कठिन परीक्षा

    भारत में वामपंथी राजनीति का इतिहास **भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)** से जुड़ा है, जिसकी औपचारिक स्थापना दिसंबर 1925 में कानपुर में हुई थी (हालांकि, 1920 में ताशकंद में एक प्रवासी समूह द्वारा इसकी घोषणा की गई थी)। इसे औपनिवेशिक-विरोधी कार्यकर्ताओं से समर्थन मिला, जिनमें खिलाफ़त आंदोलन के लोग भी शामिल थे, और 1934 में ब्रिटिश सरकार ने इस पर प्रतिबंध …