बांग्लादेश में अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की सरकार के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। देश की जनता और राजनीतिक दल उनकी सरकार को जल्दी हटाने की मांग कर रहे हैं, जिससे यूनुस इस्तीफा देने तक के विचार में हैं। इस राजनीतिक संकट के बीच, यूनुस सरकार ने देश में स्थिरता बनाए रखने और अपनी सत्ता बचाने के लिए एक नया कदम उठाया है, लेकिन उनके सामने मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
राजनीतिक गुटों से बातचीत की नई पहल
रविवार को मोहम्मद यूनुस राजनीतिक दलों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू करने जा रहे हैं। इस बैठक का मकसद देश में बढ़ते तनाव को कम करना और समय से पहले चुनाव की मांगों के बीच किसी आम सहमति पर पहुंचना है। राजनीतिक दल लगातार यूनुस सरकार के खिलाफ आवाजें उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थिति और नाजुक हो गई है।
नाजुक दौर से गुजर रही सरकार
सरकार के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद से यूनुस की कार्यवाहक सरकार एक बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। इस समय राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी दलों की एकजुटता बेहद जरूरी है, इसलिए सर्वदल बैठक बुलाई गई है।
यूनुस का राजनीतिक अंदरूनी कलह पर बयान
ढाका में हाल के प्रदर्शनों के बाद यूनुस सरकार ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक अंदरूनी कलह देश के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है। सरकार ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखना, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाना, न्याय और सुधार लाना, और तानाशाही की वापसी को रोकना तभी संभव है जब व्यापक राजनीतिक एकता हो।”
कौन-कौन शामिल होंगे बैठक में?
यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बताया कि रविवार को बैठक में कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने पूरी सूची साझा करने से इंकार किया। बांग्लादेश में कुल 54 पंजीकृत राजनीतिक दल हैं। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवाम-ए-लीग को प्रतिबंधित कर दिया गया है, इसलिए उसे इस बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा।
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