शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो देश में सनातन धर्म अनाथ हो गया है। उन्होंने कहा कि आजकल हर कोई सनातन धर्म, इसके शास्त्रों और मान्यताओं के खिलाफ कुछ भी बोल देता है। शंकराचार्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मनुस्मृति पर की गई टिप्पणी के लिए हिंदू धर्म से निष्कासित करने के अपने फैसले को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि आखिर कोई तो सामने आकर इसका विरोध करेगा।
शंकराचार्य ने बताया कि कुंभ मेले में एक सनातन धर्म अनुयायी ने उनसे यह मुद्दा उठाया था। उस व्यक्ति ने राहुल गांधी के संसद में मनुस्मृति पर दिए बयान से आहत होकर पहले नोटिस भेजा, जिसका कोई जवाब नहीं आया। रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन तब भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। तब मजबूरी में हमें कार्रवाई करनी पड़ी।
राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी
शंकराचार्य ने कहा कि राहुल गांधी को अब मंदिरों में जाने से रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी की टिप्पणियों ने सनातन धर्म का अपमान किया है और इस मुद्दे पर बार-बार स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। राहुल गांधी ने संसद में कहा था कि मनुस्मृति बलात्कारियों की रक्षा करती है, जो पूरी तरह अनुचित है।
शंकराचार्य ने कहा, “जो व्यक्ति मनुस्मृति को अपना ग्रंथ नहीं मानता, वह हिंदू नहीं हो सकता। राहुल गांधी हिंदू धर्म के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। हमने फैसला किया कि उन्हें मंदिरों में प्रवेश नहीं करने देना चाहिए और पुजारियों को उनके लिए पूजा न करने का आग्रह किया है।”
बता दें कि राहुल गांधी के बयान पर पहले भी विवाद हुआ था और शंकराचार्य ने उस समय लोकसभा में दिए गए गांधी के बयान का समर्थन नहीं किया था, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
यह भी पढ़ें:
रसेल के रिटायरमेंट पर वरुण का बड़ा खुलासा: अभी खेलेंगे कई साल
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check