केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुस्लिम समाज को शिक्षा की ओर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. उनका मानना है कि यदि मुस्लिम युवा सिर्फ कुछ पारंपरिक व्यवसायों तक सीमित रहेंगे, तो समाज का समुचित विकास संभव नहीं होगा.
“सिर्फ पांच धंधों तक मत सीमित रहो”
👉 गडकरी ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग मुख्य रूप से इन पांच धंधों में ज्यादा देखे जाते हैं –
चाय की टपरी
पान का ठेला
कबाड़ी की दुकान
ट्रक ड्राइवर
क्लीनर
उन्होंने मुस्लिम युवाओं को विज्ञान और तकनीक को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि “हम मस्जिद में एक बार नहीं सौ बार नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन अगर हम विज्ञान और तकनीक को नहीं अपनाएंगे, तो हमारा भविष्य अंधकारमय रहेगा.”
गडकरी ने इंजीनियरिंग कॉलेज मुस्लिम संस्था को दिया
गडकरी ने बताया कि जब वे महाराष्ट्र में विधायक थे, तो उन्होंने एक इंजीनियरिंग कॉलेज नागपुर की अंजुमन इस्लाम संस्था को सौंप दिया था. उनका मानना है कि मुस्लिम समाज में शिक्षा को बढ़ावा देना सबसे ज्यादा जरूरी है, ताकि समाज से डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस जैसे काबिल लोग निकलें.
“जो करेगा जाति की बात, उसे कसकर मारूंगा लात”
👉 गडकरी ने जातिवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा –
“मैं जाति, धर्म, पंथ के आधार पर बंटवारा नहीं करता. मेरे पास कई जातीय संगठन समर्थन मांगने आते हैं, लेकिन मैंने साफ कह दिया कि जो जाति की बात करेगा, उसे मैं कसकर लात मारूंगा!”
👉 उन्होंने यह भी कहा कि “कोई भी इंसान जाति, धर्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने गुणों और मेहनत से बड़ा बनता है.”
“अब्दुल कलाम जी की तरह नाम रोशन करें मुस्लिम युवा”
गडकरी ने कहा कि मुस्लिम समाज का सही विकास तब होगा जब वह शिक्षा, विज्ञान और तकनीक को अपनाएगा. उन्होंने मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को ऐसे रोल मॉडल को अपनाना चाहिए और दुनिया में अपना नाम रोशन करना चाहिए.
गडकरी के इस बयान पर कैसी रहेगी प्रतिक्रिया?
गडकरी का यह बयान निश्चित रूप से सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनेगा. अब देखने वाली बात होगी कि उनके इस बयान पर राजनीतिक दल और मुस्लिम समाज क्या प्रतिक्रिया देता है.
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