प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में भाजपा उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान परिवारवाद, आतंकवाद, पत्थरबाजी, कश्मीरी पंडित और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दे उठाये तथा विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
केंद्रशासित प्रदेश में 18 सितंबर को पहले चरण के तहत 24 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पीएम मोदी ने यहां डोडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में होने वाला इस बार का चुनाव तीन खानदानों और जम्मू-कश्मीर के नौजवानों के बीच है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक खानदान कांग्रेस का है, एक नेशनल कॉन्फ्रेंस का और एक पीडीपी का। जम्मू-कश्मीर में इन तीन खानदानों ने मिलकर जनता के साथ जो किया है वह “किसी पाप से कम नहीं है”। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में यहां जो बदलाव आया है, वह किसी सपने से कम नहीं है। आतंकवाद अब अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। जम्मू-कश्मीर में होने वाला यह चुनाव यहां की किस्मत तय करेगा।
जम्मू-कश्मीर की पुरानी हालातों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आप याद कीजिए वह समय, जब दिन ढलते ही यहां अघोषित कर्फ्यू लग जाता था। हालत ऐसे थे कि तब कांग्रेस की केंद्र सरकार के गृह मंत्री तक लाल चौक जाने से डरते थे। जो पत्थर पहले पुलिस और फौज पर फेंकने के लिए उठते थे, उन पत्थरों से आज नया जम्मू-कश्मीर बन रहा है।”
जम्मू-कश्मीर में मतदान तीन चरणों में होंगे। पहले चरण के लिए मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण के लिए 25 सितंबर और तीसरे तथा अंतिम चरण के लिए 1 अक्टूबर को होगा। चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव आयोग के मुताबिक, केंद्रशासित प्रदेश में 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 87.09 लाख मतदाता हैं। इनमें 42.6 लाख महिलाएं हैं। यहां पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं की संख्या 3.71 लाख है जबकि कुल 20.7 लाख युवा मतदाता हैं, जिनकी आयु 20 से 29 वर्ष के बीच है।
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