डायलिसिस के दौरान ये सावधानियां अपनाएं किडनी मरीज, अस्पताल के चक्कर होंगे कम

किडनी फेलियर के मरीजों के लिए डायलिसिस जीवन रक्षक प्रक्रिया है, लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही बार-बार अस्पताल जाने की वजह बन सकती है। अगर डायलिसिस के दौरान और बाद में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं, तो न सिर्फ जटिलताओं का खतरा कम होता है बल्कि मरीज की ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर रहती है।

1. डायलिसिस शेड्यूल को हल्के में न लें

डायलिसिस सेशन मिस करना या समय से पहले छोड़ देना शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ा सकता है। तय समय और पूरी अवधि तक डायलिसिस कराना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर ठीक से साफ हो सके।

2. फिस्टुला या कैथेटर की सही देखभाल करें

डायलिसिस के लिए बनाई गई फिस्टुला या कैथेटर को साफ और सूखा रखना जरूरी है।

  • उस जगह पर खरोंच या चोट न लगने दें
  • लालिमा, सूजन या दर्द दिखे तो तुरंत डॉक्टर को बताएं

3. तरल पदार्थ (Fluid) का रखें खास ध्यान

डायलिसिस मरीजों के लिए ज्यादा पानी पीना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर द्वारा बताई गई फ्लूड लिमिट का पालन करें, वरना सांस फूलना और सूजन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

4. डाइट में न करें लापरवाही

गलत खानपान से पोटैशियम, फॉस्फोरस और सोडियम का स्तर बिगड़ सकता है।

  • ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचें
  • डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से ही डाइट प्लान बनाएं

5. संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी

डायलिसिस के दौरान शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।

  • हाथों की सफाई रखें
  • भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें
  • बुखार या कमजोरी महसूस हो तो देर न करें

6. दवाएं समय पर और सही मात्रा में लें

किडनी मरीजों को दी जाने वाली दवाएं बेहद संवेदनशील होती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा बंद या शुरू न करें, वरना स्थिति बिगड़ सकती है।

7. वजन और ब्लड प्रेशर पर रखें नजर

हर डायलिसिस से पहले और बाद में वजन और बीपी चेक करना जरूरी है। अचानक बढ़ा वजन या हाई बीपी शरीर में पानी जमा होने का संकेत हो सकता है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने में दर्द
  • लगातार उल्टी या चक्कर
  • फिस्टुला साइट पर इंफेक्शन के लक्षण

 

डायलिसिस के दौरान थोड़ी-सी सावधानी किडनी मरीजों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। सही डाइट, समय पर डायलिसिस, साफ-सफाई और डॉक्टर की सलाह मानकर न सिर्फ हेल्थ बेहतर रखी जा सकती है, बल्कि बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत भी कम हो सकती है

नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।