यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक रासायनिक पदार्थ है, जो सामान्य रूप से यूरिन के माध्यम से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब इसका स्तर शरीर में असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। खासकर, जो अंग सबसे पहले प्रभावित होते हैं, उनकी हालत बिगड़ने लगती है।
यूरिक एसिड क्या है?
यूरिक एसिड मुख्यतः प्यूरीन के टूटने से बनता है, जो कुछ खाद्य पदार्थों और सेल्स के प्राकृतिक टूटने से निकलता है। यदि यह शरीर से बाहर न निकले, तो जमा होकर जोड़ों, किडनी और त्वचा जैसी जगहों पर समस्या कर सकता है।
सबसे पहले कौन सा अंग प्रभावित होता है?
जोड़ (Joints):
यूरिक एसिड के बढ़ने से सबसे पहले जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न होती है, जिसे गाउट (Gout) कहा जाता है। खासकर पैरों के अंगूठे, घुटने और टखनों में दर्द शुरू होता है। गाउट के कारण जोड़ों की सूजन और लालिमा बढ़ जाती है, जिससे चलने-फिरने में भी परेशानी होती है।
अन्य प्रभावित अंग
- किडनी: यूरिक एसिड का ज्यादा जमाव किडनी स्टोन और किडनी फेल्योर का कारण बन सकता है।
- त्वचा: कुछ मामलों में त्वचा पर लाल चकत्ते या गांठे बन सकते हैं।
- हृदय: लंबे समय तक यूरिक एसिड का बढ़ा स्तर हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ा सकता है।
यूरिक एसिड बढ़ने के कारण
- अधिक प्यूरीन युक्त भोजन (जैसे लाल मांस, समुद्री भोजन)
- शराब का सेवन
- मोटापा और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली
- किडनी की खराबी
- कुछ दवाओं का सेवन
कैसे बचाव करें?
- प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
- खूब पानी पियें ताकि यूरिक एसिड बाहर निकल सके।
- नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।
- शराब और तंबाकू से बचें।
- डॉक्टर की सलाह पर दवाएं लें।
यूरिक एसिड बढ़ने पर सबसे पहले जोड़ों में समस्या शुरू होती है, जो गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए समय रहते खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना आवश्यक है। अगर जोड़ों में बार-बार दर्द या सूजन हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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