मानसून और बदलते मौसम के साथ ही बहती नाक, गले में खराश, सर्दी-जुकाम और बार-बार छींक आना आम समस्या बन जाती है। हालांकि ये लक्षण देखने में छोटे लगते हैं, लेकिन अगर समय रहते इनका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर संक्रमण का रूप ले सकते हैं। ऐसे में घरेलू नुस्खों में से एक बेहद कारगर उपाय है — अजवाइन का काढ़ा।
अजवाइन: एक छोटी सी बीज, बड़ी राहत
अजवाइन न केवल रसोई का मसाला है, बल्कि इसमें मौजूद थायमोल (Thymol) नामक तत्व एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह गले की सूजन को कम करता है, साइनस को साफ करता है और सांस की तकलीफ से राहत दिलाता है।
अजवाइन का काढ़ा कैसे बनाएं?
सामग्री:
1 चम्मच अजवाइन
4–5 तुलसी के पत्ते
1 छोटा टुकड़ा अदरक
1 चुटकी हल्दी
2 कप पानी
स्वादानुसार शहद (वैकल्पिक)
विधि:
इन सभी सामग्रियों को 2 कप पानी में धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। फिर छानकर हल्का गर्म रहने पर पिएं।
फायदे:
नाक बंद या बहने की समस्या में राहत
गले की खराश और खिचखिच दूर होती है
इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार
फेफड़ों को साफ करने में सहायक
खांसी और कफ को नियंत्रित करता है
कब और कैसे करें सेवन?
दिन में 2 बार — सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले
खाली पेट पीने से शरीर में इसका असर जल्दी होता है
बच्चों को हल्का पतला करके थोड़ी मात्रा में दें
सावधानी:
गर्भवती महिलाएं या बीपी के मरीज सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें
अधिक मात्रा में सेवन से एसिडिटी हो सकती है
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