नीरज चोपड़ा ने भारतीय खेलों के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना लिखा, राष्ट्रपति मुर्मू ने बधाई दी

विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उन्होंने भारतीय खेलों के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना लिख दिया है।मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन चोपड़ा ने बुडापेस्ट में चल रही विश्व चैम्पियनशिप में कल देर रात पुरूषों की भालाफेंक स्पर्धा में 88.17 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वह ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण एक समय पर जीतने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए।

 

राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हे बधाई देते हुए कहा, ‘‘नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर भारतीय खेलों के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जोड़ दिया। बुडापेस्ट में भालाफेंक फाइनल में उनका बेहतरीन प्रदर्शन हमारे लाखों युवाओं को प्रेरित करेगा।”

उन्होंने अंतिम आठ में जगह बनाने वाले तीनों भालाफेंक खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा, ‘‘यह देश के लिये गर्व की बात है कि तीन भारतीय नीरज चोपड़ा, किशोर जेना और डी पी मनु विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की भालाफेंक स्पर्धा में फाइनल तक पहुंचे और शीर्ष छह में रहे। मैं उन सभी को बधाई देती हूं।” उन्होंने लिखा, ‘‘उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मैं उन्हें भविष्य में और उपलब्धियां हासिल करने के लिये शुभकामनायें देती हूं।”

 

भालाफेंक फाइनल में भारत का इस कदर दबदबा था कि शीर्ष छह में तीन भारत के खिलाड़ी थे और ऐसा विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार हुआ है कि शीर्ष आठ में तीन भारतीय रहे हों। किशोर जेना रविवार की देर रात हुए फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे जिन्होंने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 84.77 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका। वहीं डी पी मनु छठे स्थान पर रहे जिनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 84.14 मीटर का था।

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