रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को ऐसी तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट मिला है, जो सिर्फ ब्लड सैंपल के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान और उसके संभावित स्रोत का पता लगाने में मदद कर सकती है। यह प्लेटफॉर्म सेल-फ्री डीएनए का विश्लेषण करता है और इसमें जीनोम सीक्वेंसिंग, बायोलॉजिकल डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होता है।
कंपनी के मुताबिक इस तकनीक की खासियत कैंसर से जुड़े डीएनए पैटर्न में बदलाव को पहचानना है, ताकि बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सके और मरीजों को बेहतर इलाज का मौका मिल सके। फिलहाल बड़ी संख्या में मरीजों में कैंसर की पहचान बीमारी के गंभीर चरणों में ही हो पाती है।
स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के सीईओ रमेश हरिहरन ने कहा कि यह पेटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लिक्विड बायोप्सी टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे समाधान विकसित करना है, जो कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक सटीक, बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य और सुलभ बना सकें।
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