नए माता-पिता अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि उन्हें अपने बच्चों को ठोस आहार देने के बाद कौन सी दालें देनी चाहिए।
जन्म के 6 महीने बाद बच्चे के समुचित शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उसे मां के दूध के साथ ठोस आहार भी खिलाया जाता है। 6 महीने के बाद बच्चे को दलिया, दाल और पंजीरी खिलाने की सलाह दी जाती है। दलिया और पंजीरी एक ही तरह की होती हैं इसलिए नई मां के मन में इसे लेकर कोई भ्रम नहीं रहता.लेकिन वहीं बात जब दाल की आती है, तो अक्सर मॉम समझ नहीं पाती हैं कि बच्चे के लिए क्या सही है। जब मेरे बेटे ने सॉलिड फूड खाना शुरू किया तब मैंने उसे अपने घर में बनने वाली रेगुलर अरहर की दाल देना शुरू किया। अरहर की दाल खाने से मेरे बेटे का पेट खराब हो गया। इतना ही नहीं वो तो उल्टी और दस्त भी करने लगा। जब मैंने इस बारे में डॉक्टर से बात की, तो उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों का पाचन तंत्र बहुत कमजोर होता है, ऐसे में उन्हें ऐसी चीजें देनी चाहिए जो आसानी से डाइजेस्ट हो जाए। इसके बाद डॉक्टर ने मुझे उन दालों के बारे में भी बताया जो बच्चों को 6 महीने के बाद देनी चाहिए। इन दालों का सेवन करने से न सिर्फ बच्चा हेल्दी रहता है, बल्कि उसका शारीरिक विकास भी तेजी से होता है।
छोटे बच्चों को कौन सी दाल देनी चाहिए
जिन माता-पिता ने कुछ समय पहले अपने बच्चों को ठोस आहार देना शुरू किया है, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे का पाचन तंत्र अभी बनना शुरू हुआ है। इसलिए उन्हें ऐसी चीजें ही देनी चाहिए जो पचने में आसान हों। शुरुआत में 15 से 20 दिनों तक बच्चों को केवल दाल का पानी ही देना चाहिए। बच्चों को 15 से 20 दिन के बाद ही दाल देना शुरू करना चाहिए। आप बच्चों को नीचे बताई गई दालें दे सकते हैं।
बच्चों के लिए चने की दाल के फायदे-चने की दाल में प्रचुर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त बनाता है। साथ ही पेट में दर्द और कब्ज जैसी परेशानियों से भी राहत दिलाता है। चने की दाल बच्चों के शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने के साथ-साथ एनर्जी भी देती है। चने की दाल का सेवन करने से हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
बच्चों के लिए मूंग दाल के फायदे –मूंग की दाल बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. मूंग दाल किसी भी अन्य दाल की तुलना में पचाने में बहुत आसान होती है। मूंग दाल में उच्च प्रोटीन होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके अलावा मूंग दाल कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फाइबर, फोलिक और प्रोटीन आदि से भरपूर होती है। बच्चों को मूंग दाल खिलाने से उनके दिमाग का विकास ठीक से होता है। साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करता है।
बच्चों के लिए मसूर दाल के फायदे-बच्चों के लिए मसूर की दाल भी काफी फायदेमंद होती है। मसूर की दाल में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी, आयरन, जिंक और कैल्शियम से भरपूर होती है। बच्चों को नियमित तौर पर मसूर की दाल देने से हड्डियों को मजबूत बनाने, दिमागी विकास को बढ़ाने और हार्ट प्रॉब्लम को रोकने में मदद मिलती है। मसूर दाल में ऐसे पेप्टाइड्स पाए जाते हैं, जो शरीर में एंटीमाइक्रोबियल यानी जीवाणु रोधी गतिविधि को बढ़ा सकते हैं। इसकी वजह से संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिलती है।
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