राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस साल सितंबर में हुए जम्मू-कश्मीर कोकेरनाग मुठभेड़ मामले को अब अपने हाथ में लिया है। इस मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक कर्नल, एक मेजर और एक सैनिक, जे-के पुलिस के एक डीएसपी बलिदान हुए थे।
ऑपरेशन में सुरक्षाबल लश्कर-ए-तैयबा के खूंखार आतंकवादी उजैर खान को उसके सहयोगी के साथ मार गिराने में कामयाब रहे थे। कोकरनाग मुठभेड़ के बारे में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा था कि इस मुठभेड़ को तूल देना कुछ निहित स्वार्थी तत्वों का काम था।
भारतीय सेना ने 13 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के गडोले जंगल में 19 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह, कंपनी कमांडर मेजर आशीष धोंचक, जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट और सैनिक प्रदीप सिंह को खो दिया था। एनआईए ने गृह मंत्रालय के आदेश पर मामले को अपने हाथ में लेने के साथ एक नया मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही अपने क्षेत्रीय शाखा कार्यालय में प्रतिनियुक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के एक अधिकारी को प्रभार देकर इसकी जांच शुरू कर दी है।
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