हॉरमुज़ बंद होने के बीच तेल टैंकर ‘जग वसंत’ कांडला पोर्ट पर पहुंचा!

भारतीय झंडे वाला LPG कैरियर **जग वसंत** शुक्रवार, 27 मार्च, 2026 (तड़के सुबह) को गुजरात के **कांडला बंदरगाह** पर पहुंचा। यह अपने साथ लगभग **42,000–47,600 मीट्रिक टन** LPG लेकर आया है। यह आगमन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और **हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य** में पैदा हुई रुकावटों के बीच हुआ है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य भारत के ऊर्जा आयात के एक बड़े हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग (चोकपॉइंट) है।

आवश्यक मंज़ूरी मिलने के बाद, इस जहाज़ ने इस सप्ताह की शुरुआत में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया था। यह भारतीय झंडे वाले उन LPG कैरियर जहाज़ों की कड़ी में सबसे नया है, जो सुरक्षित रूप से भारतीय तटों तक पहुंचे हैं। बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव **राजेश कुमार सिन्हा** सहित सरकारी अधिकारियों ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि **जग वसंत** (जो लगभग 47,600 मीट्रिक टन LPG ले जा रहा है) के 26 मार्च के आसपास पहुंचने की उम्मीद है, और भारतीय चालक दल तथा जहाज़ों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया गया है।

**पाइन गैस**, जो भारतीय झंडे वाला एक और LPG कैरियर है और लगभग **45,000 मीट्रिक टन** LPG ले जा रहा है, उसके भी जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है (खबरों के अनुसार, यह 27 मार्च को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचेगा)। **जग वसंत** और **पाइन गैस** मिलकर **92,000 मीट्रिक टन** से अधिक LPG ला रहे हैं — जो देश की एक दिन की घरेलू खाना पकाने वाली गैस की ज़रूरत के लगभग बराबर है।

यह दो अन्य LPG टैंकरों के पहले सुरक्षित आगमन के बाद हुआ है:
– **शिवालिक**, जो 16 मार्च, 2026 को **मुंद्रा बंदरगाह** पर पहुंचा।
– **नंदा देवी**, जो 17 मार्च, 2026 को **वडीनार बंदरगाह** पर पहुंचा।

इन दोनों जहाज़ों ने मिलकर **92,000 मीट्रिक टन** से अधिक LPG की आपूर्ति की।

**संकट का संदर्भ**: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष — जिसमें ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई भी शामिल है — के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में प्रभावी प्रतिबंध लग गए हैं और जोखिम बढ़ गया है। इसी जलडमरूमध्य से भारत के LPG आयात का एक बड़ा हिस्सा (सामान्य समय में लगभग 60–90%) होकर गुज़रता है। इससे संभावित कमी को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं; कुछ अनुमानों के अनुसार, मार्च में आयात कथित तौर पर आधा रह गया है। फ़ारसी खाड़ी में कई भारतीय जहाज़ फँस गए थे, लेकिन सरकार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए वैकल्पिक लोडिंग और शिपमेंट की व्यवस्था कर रही है।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भारतीय जहाज़ और नाविक (जग वसंत पर 33, पाइन गैस पर 27) सुरक्षित हैं, और विविध मार्गों के माध्यम से निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जहाँ संभव हो, घरेलू उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। इन खेपों के आने और सक्रिय उपायों के कारण, निकट भविष्य में देशव्यापी गंभीर कमी की आशंका नहीं है।

LPG पर निर्भर यात्रियों और उद्योगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी आगे के घटनाक्रम के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें।