कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला करते हुये कहा है कि इस सरकार की नीति निजी कंपनियों को बढ़ावा देने की बजाय उनका इस्तेमाल कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा दिलाने की है और इसीलिये उनकी आज चंदादाता का सम्मान तथा अन्नदाता का अपमान हो रहा है।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि हमारे युवा साथियों ने सिर्फ पांच लाइन का एक कम्यूटर कोड लिखा है, जिससे सिर्फ 15 सेकण्ड में उच्चतम न्यायालय द्वारा मांगी गयी इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सारी जानकारी हमारे सामने आ गयी।
श्री रमेश ने कहा कि इस जानकारी को देने के लिये भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 30 जून तक का समय मांगा था, इससे साफ है कि मोदी सरकार ये जानकारियां बाहर नहीं लाना चाहती थी। उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस निजी निवेश के खिलाफ नहीं है, हम भी निजी निवेश के पक्षधर हैं। निजी निवेश के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं हो सकता, लेकिन मोदी सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से सिर्फ निजी कंपनियों का इस्तेमाल किया है।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी ने कहा, “मोदी सरकार की नीति है- चंदादाताओं का सम्मान करो, अन्नदाताओं का अपमान करो।”उन्होंने कहा कि श्री मोदी के घोटाले के चार रास्ते थे, चंदा दो-धंधा लो, हफ्ता वसूली, कॉन्ट्रैक्ट लो-रिश्वत दो, शेल कंपनी बनाओ और चंदा देते जाओ। उन्होंने कहा कि श्री मोदी न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा नहीं देना चाहते, लेकिन उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये रिश्वत को कानूनी दर्जा दे दिया है।
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