मौसम बदलते ही बच्चे बीमार होने लगते है, क्यूकि बदलता हुआ मौसम बच्चो को अपनी चपेट में जल्दी लेता है,बच्चो की इम्युनिटी बहुत वीक होती है जिसके कारण वो जल्दी बीमार पड़ जाते है ,इसके अलावा वो खानपान को लेकर भी काफ़ी चूज़ी और थोड़े ज़िद्दी होते हैं, जिससे अक्सर उनको खांसी की समस्या होती रहती है. वहीं नवजात शिशु भी अक्सर खांसी की चपेट में आ जाते हैं, तो आइये जानते है ऐसे में उन्हें घरेलू उपायों द्वारा कैसे कंट्रोल किया जाय .
सर्दी- खासी के घरेलू उपाय :-
एक कप पानी में नींबू का रस और थोड़ा-सा शहद मिलाकर दें.
शहद में औषधीय गुण होते हैं, जो खांसी में काफ़ी लाभदायक हैं. स्वीट होने के कारण बच्चे इसे आसानी से ले भी लेते हैं.
अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो गरारा करवाएं. गुनगुने पानी में नमक या हल्दी डालकर गार्गल करें.
गले में ड्राइनेस न बढ़ने दें, इसलिए बच्चे को ज़्यादा से ज़्यादा लिक्विड यानी तरल पदार्थ दें, जैसे- जूस, सूप, पानी.आदि
अदरक का रस शहद के साथ रात को सोते समय दें.
2 साल से कम उम्र के बच्चे के तकिए पर नीलगिरि के तेल की कुछ बूंदें डाल दें.
एक चम्मच तुलसी का रस, एक चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन बार दें.
मिश्री का टुकड़ा दें. ये काफ़ी फ़ायदा करेगा.
अंजीर खिलाएं. इससे छाती में जमा बलगम निकल जाता है और खांसी से छुटकारा मिलता है.
बड़ी इलायची का पाउडर थोड़ा-थोड़ा दिन में तीन बार पानी के साथ दें.
हल्दीवाला दूध पिलाएं. हल्दी बेहद गुणकारी है.
एक चम्मच अजवायन को एक कप पानी में उबाल लें. जब आपकी आधा रह जाए तो छानकर थोड़ा ठंडा कर लें. इसे दिन में कईबार बच्चे को पिलाएं.
एक लहसुन की कली को पीसकर शहद मिलाकर बच्चे को चटाएं.
गुड या मिश्री के साथ अदरक का एक छोटा-सा टुकड़ा मुंह में रखकर चबाने के लिए दें.
अदरक का एक टुकड़ा एक कप पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो छान लें और एक चम्मच शहद मिलाकर बच्चेको दें.
5 बादाम, 5 मुनक्का और 5 काली मिर्च को मिश्री के साथ पीसकर गोली बना लें. चार-चार घंटे पर एक गोली चूसने के लिए दें.
मुलहठी को चूसने से सूखी खांसी में आराम मिलता है.
तवे पर फिटकरी भून लें और उसका चूर्ण बनाकर मिश्री या शहद के साथ सेवन करें. सूखी खांसी से राहत मिलेगी.
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