भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया ने कांग्रेस द्वारा आयकर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल पूछा है कि कांग्रेस अपने इनकम टैक्स मामले में क्या छुपा रही है?
उन्होंने एक पत्र जारी कर लिखा है कि मैं सीए या वकील नहीं हूं लेकिन मैंने कई वर्षों तक कर्नाटक में अपनी पार्टी के कोषाध्यक्ष के रूप में काम किया है। मेरे पास दो सामान्य-संवेदनशील सवाल और एक टिप्पणी है जो कांग्रेस को भेजे गए आयकर नोटिस के बारे में है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी से सवाल किया कि ऐसा क्यों है कि आप अपनी आय का संशोधित रिटर्न दाखिल करना चाहते हैं? आईटी विभाग या न्यायाधिकरण और अदालत इसकी अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं? क्या नियम आपके विरुद्ध काम करने के लिए नये बनाये गये हैं या ये ऐसे नियम हैं जो हर किसी के लिए समान नहीं हैं?
उन्होंने कांग्रेस पार्टी से दूसरा सवाल पूछा है कि क्या ऐसा कोई फंड था जिनकी घोषणा कांग्रेस द्वारा नहीं की गई थी? क्या पार्टी के किसी व्यक्ति के यहां छापेमारी के दौरान यह रकम मिली थी? क्या अब आप इसे कर-मुक्त बनाने के लिए सुविधाजनक रूप से इसे पार्टी के पैसे के तौर पर दिखाना चाहते हैं? क्या यही कारण है कि आप अपने रिटर्न को संशोधित करना चाहते हैं?
लहर सिंह सिरोया ने आगे लिखा कि आयकर रिटर्न को लेकर कांग्रेस की समस्या नई नहीं है। क्या 1997 में कांग्रेस द्वारा एच डी देवेगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने का एक कारण यह भी था कि वह आयकर के इस कानून का पालनकरना नहीं चाहते थे? सिरोया ने आगे लिखा कि कांग्रेस याद कर सकती है कि 1997 में वित्त मंत्री कौन थे? मैंने संसद के पिछले सत्र के दौरान अपने राज्यसभा भाषण में इसका उल्लेख किया था।
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