बुखार तो आता रहता है हमें,कभी खांसी-जुकाम भी हो जाता है. लेकिन कभी-कभी ये सामान्य बुखार नहीं होता. ये डेंगू वाला बुखार भी हो सकता है.डेंगू बुखार और सामान्य बुखार के कुछ लक्षण एक जैसे होते हैं, जैसे – बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द आदि. लेकिन डेंगू बुखार एक गंभीर वायरल संक्रमण होता है, जो मच्छर के काटने से फैलता है. अगर अचानक से बुखार आ जाए, 103-104 डिग्री तक चढ़ जाए, सिर में बहुत जोर का दर्द होने लगे, शरीर में ऐंठन और दर्द हो, चकत्ते निकलने लगें तो समझ जाना चाहिए कि शायद डेंगू है. इसलिए सामान्य सर्दी-बुखार से अलग इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है ऐसे में 2-3 दिन रुकने पर तुरंत अस्पताल जाकर खून की जांच करा लेनी चाहिए. डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो डॉक्टर की दवा लेनी चाहिए.
कैसे समझें की डेंगू है?
डेंगू बुखार एक गंभीर बीमारी है जो आम बुखार से काफी अलग होती है. हालांकि दोनों के कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं लेकिन डेंगू में बुखार अधिक गंभीर होता है और शरीर में अत्यधिक दर्द रहता है. डेंगू में चकत्ते और रक्तस्राव भी हो सकता है जो आम बुखार में नहीं होता है. इसलिए यदि बुखार 2-3 दिन से ज्यादा रहे तो डॉक्टर से दिखा लें और लेकर डेंगू की जांच अवश्य करवाएं. डेंगू का समय पर निदान और उपचार इसके गंभीर परिणामों से बचा सकता है
कब करवाना चाहिए डेंगू का टेस्ट?
अगर अचानक से बुखार आता है जो 103 डिग्री F से अधिक है और 2-7 दिन तक रहता है. अगर सिरदर्द, पीठ दर्द, उल्टी-दस्त जैसे लक्षण 3-4 दिनों से बने हुए हैं. अगर शरीर पर लाल चकत्ते या रक्तस्राव हो रहा है. इन लक्षणों के बने रहने पर तुरंत डेंगू टेस्ट करवा लेना चाहिए.
डेंगू किस तरह के मच्छरों के काटने से फैलता है
डेंगू वायरस के 4 प्रकार होते हैं – DENV-1, DENV-2, DENV-3, DENV-4. ये वायरस मादा एडीज मच्छर के शरीर में पनपता है. जब संक्रमित मादा मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके लार के माध्यम से वायरस उस व्यक्ति में प्रवेश कर जाता है. इस तरह मच्छर डेंगू वायरस का वाहक बन जाता है और इस बीमारी को फैलाता है. इसलिए डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव बेहद जरूरी है.
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