भारतीय-अमेरिकी वनिता गुप्ता अगले साल फरवरी में अमेरिका की एसोसिएट अटॉर्नी जनरल का पद छोड़ देंगी। वह अमेरिका के न्याय विभाग में सर्वोच्च रैंक की भारतीय-अमेरिकी अधिकारी हैं।अटॉर्नी जनरल मेरिक बी. गारलैंड ने एक बयान में कहा कि न्याय विभाग में तीसरे सर्वोच्च पद पर आसीन पहली अश्वेत महिला वनिता गुप्ता ने ‘संघीय कानून द्वारा संरक्षित प्रजनन संबंधी आजादी की रक्षा के लिए अधिकार कार्यबल का नेतृत्व किया।”
न्याय विभाग के अनुसार, वनिता गुप्ता (49) ने 2021 में सीनेट से मंजूरी के बाद एसोसिएट अटॉर्नी जनरल का कार्यभार संभाला था और वह फरवरी 2024 में अपने पद से हट जाएंगी।गुप्ता के ‘असाधारण योगदान’ की चर्चा करते हुए गारलैंड ने कहा कि न्याय की तलाश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और लोगों को एक साथ लाने पर निरंतर ध्यान देने से वह अमेरिकी लोगों की कुछ जटिल चुनौतियों से निपटने में प्रभावी नेता के रूप में सामने आईं।
गारलैंड के हवाले से न्याय विभाग के बयान में कहा गया है, ‘उन्होंने हिंसक अपराध और हथियार संस्कृति से निपटने और अपराध के पीड़ितों की मदद करने के, विभाग के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’गुप्ता ने अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई के बाद ‘न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ’ से कानून की डिग्री प्राप्त की। बाद में उन्होंने कई वर्षों तक ‘न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ’ में अध्यापन कार्य किया।
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