उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में अशोक लेलैंड के हरित परिवहन-केंद्रित वाणिज्यिक वाहन संयंत्र की आधारशिला रखी। कंपनी के अनुसार, उसकी पहले चरण में 200-500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है, जबकि संयंत्र में कुल निवेश 1,000 करोड़ रुपये का होगा।
70 एकड़ में फैले इस संयंत्र में इलेक्ट्रिक बस का निर्माण किया जाएगा। साथ ही इसमें मौजूदा और अन्य उभरते वैकल्पिक ईंधन द्वारा संचालित अन्य वाहनों का उत्पादन करने की भी क्षमता होगी। यह देश में कंपनी का सातवां संयंत्र होगा। एक बार परिचालन शुरू होने पर संयंत्र की शुरू में उत्पादन क्षमता सालाना 2,500 वाहन होगी।अशोक लेलैंड ने कहा कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक तथा अन्य प्रकार के वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए वह अगले दशक में इस क्षमता को सालाना 5,000 वाहनों तक विस्तारित करने की योजना बना रही है।
कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा, ”एक बार चालू होने के बाद यह सुविधा भारत में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और स्थायी परिवहन को आगे बढ़ाने के हमारे लक्ष्यों के लिए सकारात्मक साबित होगी। हम हरित परिवहन के क्षेत्र में नवोन्मेषण को बढ़ावा देने और नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शेनु अग्रवाल ने कहा, ‘‘यह संयंत्र न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
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