विमान, विमान के इंजन, एयरफ्रेम और हेलीकॉप्टर से जुड़े लेनदेन को दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता (आईबीसी) संहिता के दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार की ओर से जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से तीन अक्टूबर 2023 को जारी अधिसूचना जारी के अनुसार, ‘‘दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता 2016 (2016 के 31) की धारा 14 की उप-धारा (1) के प्रावधान विमान, विमान इंजन, एयरफ्रेम और हेलीकॉप्टर से संबंधित ‘कन्वेंशन’ व ‘प्रोटोकॉल’ के तहत लेनदेन व्यवस्था या समझौतों पर लागू नहीं होंगे।”
आईबीसी की धारा 14 किसी कंपनी को दिवाला समाधान प्रक्रिया में शामिल करते समय अधिस्थगन जारी करने के लिए निर्णय प्राधिकारी (एनसीएलटी) की शक्ति से संबंधित है।
आईबीसी दबाव वाली संपत्तियों का समयबद्ध और बाजार से जुड़ा समाधान प्रदान करती है। अधिसूचना ऐसे समय में जारी की गई है जब विमानन कंपनी गो फर्स्ट दिवाला कार्यवाही से गुजर रही है और अपने विमान पट्टेदारों के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
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