मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को दावा किया कि देश में ‘कलयुग का अमृतकाल’ चल रहा है तथा अब ‘बुरे लोगों के हाथ से अमृत कलश’ को वापस लाना होगा ताकि इसका इस्तेमाल जनता के हित में हो सके। उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘लोकतंत्र बचाओ महारैली’ में कहा कि अगर देश में बेरोजगारी, महंगाई और भुखमरी से मुक्ति चाहिए तो इसके लिए मौजूदा सरकार से मुक्ति पानी होगी।
येचुरी ने समुद्र मंथन का उल्लेख करते हुए दावा किया, ”यह कलयुग का अमृतकाल है। उस समय समुद्र मंथन में विष का कलश अच्छे लोगों (देवताओं) के पास औरअमृत का कलश बुरे लोगों (राक्षसों) के पास गया था…आज भी हमें बुरे लोगों के हाथ से अमृत कलश को वापस लाना है और इसे जनता के हित में इस्तेमाल करना है।” उनका कहना था कि देश में वैकल्पिक सरकार का गठन जरूरी है और इसके लिए लोगों को ‘इंडिया’ गठबंधन को जिताना होगा।
इस रैली में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा ने कहा कि ‘भाजपा हटाओ, देश बचाओ’ विपक्षी दलों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। राजा ने कहा, ”भारत के लोकतंत्र और देश के भविष्य के लिए यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। अगर देश और लोकतंत्र को बचाना है तो भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाना होगा।”
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने दावा किया कि सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है तथा चुनावी बॉण्ड से मिले धन का उपयोग विपक्ष को तोड़ने के लिए हो रहा है।
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