पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर और बहावलपुर में आसपास के इलाकों में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। बाढ़ से घिरे निचले इलाकों में कई स्थानों पर सेना को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में पंजाब के राहत आयुक्त नबील जावेद, पंजाब में रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता फारूक अहमद, उपायुक्त जहीर अनवर जप्पा और पाकिस्तान रेडियो के हवाले से कहा गया है कि लोग दहशत में हैं। बांध सतलज नदी के रौद्र रूप का सामना नहीं कर सके। इससे शहर के बाहरी इलाके में तीन मुख्य गांव जलमग्न हो गए। घरों में दरारें आ गई हैं।
बड़े भू-भाग में तैयार फसल चौपट हो गई है। रविवार को सतलुज की तबाही की सबसे ज्यादा मार वीस्लान, सहलान और लाल दे गोथ की बस्तियों में पड़ी। यह गांव शहर के करीब हैं। इसलिए संभावित बाढ़ को लेकर आम जनता में चिंता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उपायुक्त जहीर अनवर जप्पा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कहा है कि उफनती नदी के किनारे के अन्य ग्रामीणों और शहरी इलाकों के नागरिकों की सुरक्षा के प्रयास जारी हैं। प्रभावित लोगों के लिए राहत और चिकित्सा शिविर खोले गए हैं। बाढ़ ने लोधरान जिले की कहारोर पक्की तहसील को भी प्रभावित किया है।
23 से 26 अगस्त तक बहावलनगर, कसूर, ओकारा, पाकपट्टन, लोधरान, वेहारी और बहावलपुर में 970 लोगों को बचाया गया है। चिकित्सा शिविरों से 32,000 लोग लाभान्वित हुए। 300 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन बांटा गया है।21,000 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पंजाब में बाढ़ से 480 गांव प्रभावित हैं।
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