भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा कि उनके लिए हमेशा सफलता का पैमाना टेस्ट क्रिकेट ही रहेगा। बुमराह ने ब्रिटिश डेली समाचार पत्र द गार्डियन से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में भाग्य का कोई खेल नहीं होता, यहां बेहतर टीम ही जीत हासिल करती है। आपको भाग्य के सहारे 20 विकेट नहीं मिल सकते।
केवल व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलकर मैं कभी भी संतुष्ट नहीं रहने वाला था, टेस्ट क्रिकेट का दर्जा मेरे लिए सबसे ऊपर है।” तेज गेंदबाज ने कहा, “मैं जिस दौर का हूं उस समय के लोगों के लिए टेस्ट क्रिकेट की अहमियत कही अधिक है और मैं हमेशा ही अपने प्रदर्शन को परखने के लिए टेस्ट क्रिकेट को ही आधार बनाऊंगा। हां, मैंने आईपीएल से शुरुआत की थी, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट के जरिए ही मैंने गेंदबाजी सीखी।”
उन्होंने कहा, “बैजबॉल की अवधारणा से मैं स्वयं को जोड़ नहीं पाता लेकिन वे इस समय इस तरह की क्रिकेट खेलकर अधिक सफल हैं और दुनिया को यह बता रहे हैं कि इस तरह से भी टेस्ट क्रिकेट खेली जा सकती है। लेकिन इसके साथ ही एक गेंदबाज के तौर पर मुझे यही लगता है कि इस शैली की क्रिकेट मुझे गेम में बनाए रखती है। एक गेंदबाज के तौर पर मैं हमेशा यही सोचता हूं कि कैसे किसी चीज का फायदा उठाया जाए।
उन्हें शुभकामनाएं, लेकिन एक गेंदबाज के तौर पर आप गेम में बने रहते हैं।” अनुभवी तेज गेंदबाज बुमराह 32 टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि 25 जनवरी को हैदराबाद में शुरु होने वाला टेस्ट मैच घर पर उनका पांचवां टेस्ट मैच ही होगा।उल्लेखनीय है कि बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेले गए दो टेस्ट में कुल 12 विकेट लिए थे। केपटाउन टेस्ट में उन्होंने 61 रन देकर छह विकेट भी चटकाए थे। पिछली बार जब इंग्लैंड ने भारत का दौरा किया था तब बुमराह ने चार टेस्ट में से दो मैच ही खेले थे और 48 ओवर की गेंदबाजी की थी।
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