मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लगभग तीन महीने पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने आज कहा कि ये मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।
श्री शर्मा ने यहां संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि ये मुख्यमंत्री श्री चौहान का विशेषाधिकार है। इस पर वे कभी भी निर्णय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मान लीजिए कि अगर इस पर निर्णय हो भी रहा है, तो वह जल्दी ही सामने आएगा।
दरअसल कल देर रात मुख्यमंत्री श्री चौहान की राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राजभवन में हुई मुलाकात के बाद से राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को तेजी से बल मिला है। दोनों के बीच लगभग 15 मिनट की मुलाकात हुई।
समझा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के पहले जातिगत समीकरण और असंतोष को साधने के लिए कुछ वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। राज्य के विधानसभा चुनाव के लिए पिछले दिनों 39 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है। इसके बाद कुछ सीटों पर असंतोष की खबरें उभरी हैं। इन्हीं सब कारणों को देखते हुए भी मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा के मान से प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत 35 मंत्रियों काे मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत कुल 31 मंत्री हैं, ऐसे में चार पद अभी रिक्त हैं।
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