पश्चिम बंगाल की श्यामली सिंह ने सभी बाधाओं को पार करते हुए रविवार को टाटा मुंबई मैराथन में कांस्य पदक जीता जबकि कुछ साल पहले उनके ‘ब्रेन ट्यूमर’ का ऑपरेशन हुआ था। चार साल पहले इसी प्रतियोगिता में श्यामली ने 42 किलोमीटर की दूरी के आधे रास्ते में उल्टी की शिकायत की थी। उनके पति संतोष सिंह और उन्होंने पाया कि ऐसा लगातार हो रहा था। अलग अलग अस्पतालों कई जांच के बाद उन्हें समस्या का कारण पता चला जो ‘ब्रेन ट्यूमर’ था।
संतोष ने ‘गोल्ड लेबल रेस’ के 19वें चरण के बाद मीडिया को बताया, ‘उसने टीसीएस रेस में भाग लिया और रजत पदक जीता। फिर उसने मुंबई में हिस्सा लिया। 25- 26 किलोमीटर के बाद वह उल्टी करने लगी। मस्तिष्क पर दबाव बढ़ जाता था लेकिन हमें नहीं पता था।’ पिछले कुछ वर्षों में उन्हें काफी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। इसका खुलासा करते हुए संतोष ने कहा कि लेकिन श्यामली अपने लक्ष्य पर डटी रहीं और खुद में सुधार करती रहीं।
संतोष ने कहा, ‘उसके ऑपरेशन के दौरान मैंने विधायक से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक सभी को मेल किया, लेकिन मुझे कहीं से कोई जवाब नहीं मिला।’ श्यामली को फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में कुछ समय लगा लेकिन वह खुश है कि उसे सही डॉक्टर मिला जो अब भी उनकी सेहत पर नजर रखता है। संतोष ने कहा, ‘जिस डॉक्टर ने सर्जरी की थी, उन्हें भरोसा था कि वह फिर से दौड़ना शुरू कर देगी और उसने दौड़ना भी शुरू कर दिया।’
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