इजराइल और हमास बुधवार को चार दिन के अस्थायी युद्ध विराम पर सहमत हो गए जिससे 150 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले गाजा में चरमपंथी समूह द्वारा बंधक बनाए गए 50 लोगों की रिहाई होगी और क्षेत्र में मानवीय सहायता पहुंच सकेगी।समझौता लागू होने पर यह पहली बड़ी कूटनीतिक जीत होगी और सात अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के बाद से शुरू हुए युद्ध में विराम लगेगा।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध पर अपने विशेष मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध विराम की समयसीमा समाप्त होने के बाद युद्ध फिर प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि इजराइल का लक्ष्य हमास के सभी सैन्य प्रतिष्ठानों को नष्ट करना और गाजा में बंधक बनाए गए उसके सभी 240 लोगों को रिहा कराना है।
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि युद्ध जारी है। सभी लक्ष्य हासिल होने तक हमारे प्रयास जारी रहेंगे।’’नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को फोन करके यही जानकारी दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ को हमास के निर्वासित नेतृत्व का सफाया करने का निर्देश दिया है ‘‘फिर वे चाहे कहीं भी हों।’’
इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ज़ाची हानेग्बी ने देर रात घोषणा की कि समझौता शुक्रवार से पहले लागू नहीं होगा। माना जा रहा था कि इससे एक दिन पहले ही युद्धविराम प्रभावी हो जाएगा।इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी कि युद्धविराम लागू होने में देरी क्यों हो रही है लेकिन ‘चैनल 13 टीवी’ ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि अभी अंतिम चरण की कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं।
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